श्री पारस अस्पताल दमघोंटू मॉकड्रिल: 26 अप्रैल को कितनी मौतें हुईं, अब आईएमए ने शुरू की जांच
पांच दिन बाद जांच समिति ने वर्चुअल बैठक में मरीजों से मिली जानकारी पर चर्चा की। इसमें से सभी ने ऑक्सीजन की कमी बताई थी। इसकी रिपोर्ट तैयार कर ली है। अब 26 अप्रैल को कितने मरीजों की मौत हुई थी, इस पर जांच करते हुए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आईएमए की जांच समिति ने अब 26 अप्रैल को कितने मरीजों की मौत हुई, इस बिंदु पर जांच शुरू कर दी है। समिति के अनुसार इसके लिए सभी प्रमाण जुटाए जा रहे हैं। पांच दिन बाद जांच समिति ने वर्चुअल बैठक में मरीजों से मिली जानकारी पर चर्चा की। इसमें से सभी ने ऑक्सीजन की कमी बताई थी। इसकी रिपोर्ट तैयार कर ली है। अब 26 अप्रैल को कितने मरीजों की मौत हुई थी, इस पर जांच करते हुए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। दरअसल, डॉ. अरिन्जय जैन ने 26 अप्रैल को 91 मरीज भर्ती होने की सूचना दी थी, जिसमें से 10 मृतक बताए थे। यह संख्या सही है या फिर मरने वालों की संख्या अधिक है, इसकी जांच कर समिति रिपोर्ट आईएमए अध्यक्ष को सौंपेगी। अभी तक की जांच की समीक्षा करने के लिए रविवार को तोता के ताल स्थित कार्यालय पर बैठक होगी।
डॉ. धाकरे नहीं हुए बैठक में शामिल
शनिवार को हुई वर्चुअल बैठक में जांच समिति के संयोजक डॉ. सुधीर धाकरे शामिल नहीं हुए। डॉ. मुनीश्वर गुप्ता, आईएमए के सचिव डॉ. अनूप दीक्षित, डॉ. संजय चतुर्वेदी, डॉ. पंकज नगायच ने ही बैठक में चर्चा की।
मरीजों के बयान रिकॉर्ड किए
श्री पारस अस्पताल प्रकरण की जांच चल रही है। मृतकों के परिजनों और मरीजों के बयान रिकॉर्ड किए जा रहे हैं। प्रमाण सहित कितने मरीजों की मौत हुई है, इसकी भी जांच कर रहे हैं। -डॉ. मुनीश्वर गुप्ता, वरिष्ठ सदस्य जांच समिति
सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की कमेटी करे श्रीपारस की जांच
दमघोंटू मॉकड्रिल मामले में श्री पारस अस्पताल की जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की कमेटी से कराने की मांग हमारा आगरा संस्था ने उठाई है। हमारा आगरा के ओम शर्मा ने श्री पारस अस्पताल में प्रशासन की जांच को दिखावा करार दिया और कहा कि प्रशासन की लाइन पर चल रही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की कमेटी की सत्यनिष्ठा संदिग्ध है। एक्सपर्ट चिकित्सकों के साथ सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया जाए, जिसमें एनस्थीसिया, फिजीशियन और सर्जन भी हों। हमारा आगरा के ओम शर्मा ने सरकार से पूछा है कि अगर सब कुछ ठीक है तो रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कमेटी से जांच कराकर इस प्रकरण में दूध का दूध, पानी का पानी कर दिया जाए। लोगों के सवाल है, जिनके जवाब मिलने चाहिए। इस मामले में संस्था निष्पक्ष जांच के लिए मुहिम शुरू कर रहा है।
श्री पारस अस्पताल प्रकरण: आईएमए की जांच में सामने आई एक और चौंकाने वाली जानकारी