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श्री पारस अस्पताल: 24 दिन में आईएमए जांच समिति की 21 बैठकें, सात बार मिली सूची, नतीजा शून्य

Tue, 06 Jul 2021 12:27 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 06 Jul 2021 12:27 PM IST
सार

श्री पारस अस्पताल प्रकरण में आईएमए की समिति की जांच में देरी पर भी सवाल उठ रहे हैं। पांच सदस्यों की समिति में तीन सदस्य रह गए हैं। 

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IMA Inquiry Committee investigating agra paras hospital case
श्री पारस अस्पताल आगरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पांच मिनट की मॉकड्रिल, 96 मरीजों में से 22 की छंटनी। आगरा के श्री पारस अस्पताल में मॉकड्रिल के वायरल वीडियो में दर्ज इस बयान की हकीकत सामने लाने के लिए आईएमए ने पांच सदस्यों को जिम्मेदारी दी गई। 24 दिन बीत गए, 21 दिन बैठकें हुई, सात बार सूची भी मिली, लेकिन नतीजा शून्य ही रहा। 

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मॉकड्रिल मामले की जांच आगे भी नहीं बढ़ी थी कि 24 अप्रैल को डॉ. शरद गुप्ता ने समिति से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले समिति के दूसरे सदस्य डॉ. डीवी शर्मा इस मामले से खुद को बचाए हुए हैं और एक दिन भी बैठक में शामिल नहीं हुए। 
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इस पर समित के दो सदस्यों ने उनकी मंशा पर सवाल उठाए। इन 24 दिन में छह बार मरीजों की सूची मिली, लेकिन वह भी अधूरी। अंत में सोमवार को सातवीं बार सूची मिली, जिसमें मरीजों के नाम, पते और फोन नंबर दर्ज हैं।  

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कब पूरी होगी जांच
सामाजिक कार्यकर्ता शबी हैदर जाफरी ने कहा कि सिंगल बैंच गंभीर मामलों की जांच बेहतर ढंग से तय समय में पूरा कर दूध का दूध पानी का पानी कर दे देती है, लेकिन आईएमए की समिति 24 दिन में किसी एक बिंदु पर रिपोर्ट तैयार नहीं कर पाई है। आईएमए की समिति कब जांच पूरी करेगी, इस पर भी लोगों की नजर है। 

ऑक्सीजन की कमी पर चर्चा नहीं
सामाजिक कार्यकर्ता नरेश पारस ने कहा कि अप्रैल में डॉक्टर बोर्ड टांगकर, वीडियो बनाकर ऑक्सीजन की कमी बता रहे थे। ऑक्सीजन प्लांट पर मारामारी भी हो रही थी, लेकिन हैरत की बात है कि आईएमए की जांच समिति में इस बिंदु पर भी कोई चर्चा नहीं हो रही, इसकी भी कोई रिपोर्ट तैयार नहीं की गई है। 

मॉकड्रिल हुई तो क्या यह चिकित्सा का हिस्सा थी 
श्री पारस अस्पताल में वीडियो में पांच मिनट के लिए ऑक्सीजन बंद कर मॉकड्रिल की गई। वीडियो वायरल होने के बाद एक बयान में डॉ. अरिंजय जैन ने इसे चिकित्सकीय प्रक्रिया का एक हिस्सा बताया। लेकिन आईएमए की ओर से तत्काल इस बयान का भी खंडन नहीं किया और नहीं मॉकड्रिल की चिकित्सकीय परिभाषा ही जनता को बताई।

10 दिन में पूरी होगी जांच
आईएमए आगरा के अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय ने कहा कि सूची बिना जांच नहीं बढ़ पा रही थी। अब सूची मिल गई है, उम्मीद है कि दस दिन में जांच पूरी हो जाएगी। मॉकड्रिल और उसकी वजह की भी जांच करने के लिए समिति को कहा गया है। अब रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा।

अभी तक का घटनाक्रम
07 जून: मॉकड्रिल का वीडियो वायरल हुआ
11 जून: आईएमए ने पांच सदस्य बनाकर जांच सौंपी
24 जून: जांच समिति से डॉ. शरद गुप्ता ने इस्तीफा दिया
30 जून: समिति की पहली बार आमने-सामने बैठक हुई
05 जुलाई: 25, 26 और 27 अप्रैल को भर्ती मरीजों की अंतिम सूची मिली

 
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