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श्री पारस अस्पताल प्रकरण: मॉकड्रिल जांच में फिसड्डी, मीडिया पर निकाल रहे गुबार, सामने आई आईएमए पदाधिकारियों की चैट

Wed, 14 Jul 2021 11:57 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 14 Jul 2021 11:57 AM IST
सार

आईएमए की जनरल बॉडी मीटिंग में एक पदाधिकारी श्रीपारस हॉस्पिटल की पैरवी करते हुए अखबारों में लिखी जा रही खबरों पर भड़क गए। यह पीड़ितों की बात उठाने पर मीडिया को दोष दे रहे हैं। यह वही पदाधिकारी हैं, जो मीडिया में पीड़ितों के हमदर्द बनकर दूध का दूध पानी का पानी होने की बात कहते रहे हैं।

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Ima Doctors Whatsapp Chat Leaked In Case Of Shri Paras Hospital Agra
आईएमए चिकित्सकों की चैट आई सामने - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के कुछ पदाधिकारियों का दोहरा चेहरा सामने आया है। पीड़ितों का दर्द समझे बिना श्रीपारस हॉस्पिटल के पक्ष में खड़े हो गए हैं। पूरा दोष मीडिया को देते हुए उनको विज्ञापन न देने तक की अपील कर रहे हैं। 

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आईएमए की जनरल बॉडी मीटिंग में एक पदाधिकारी श्रीपारस हॉस्पिटल की पैरवी करते हुए अखबारों में लिखी जा रही खबरों पर भड़क गए। यह पीड़ितों की बात उठाने पर मीडिया को दोष दे रहे हैं। यह वही पदाधिकारी हैं, जो मीडिया में पीड़ितों के हमदर्द बनकर दूध का दूध पानी का पानी होने की बात कहते रहे हैं। इन्होंने सीधे तौर पर मीडिया को विज्ञापन न देकर सबक सिखाने के लिए ग्रुप पर लिखा है। इनकी बातों का दो-तीन पदाधिकारियों ने समर्थन भी किया है, कुछ चिकित्सक ऐसे भी हैं, जिन्होंने मीडिया को दोष देने को गलत बताया।  
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जनरल बॉडी मीटिंग के ग्रुप पर लिखी खास बातें
एक
 स्थानीय प्रिंट मीडिया इस समय चिकित्सकों के खिलाफ चल रहा है, आधे-आधे पेज की स्टोरी रोज चल रही है, ताकि उनकी खबर को सही सिद्ध किया जा सके। हमारे अपने मित्रों के पैसे से कमाई करने वाले, हमारे अन्य किसी दूसरे मित्र के खिलाफ लिखने में जरा भी नहीं हिचकते, ऐसे स्थानीय समाचार पत्रों को हमें अपने क्लीनिक और नर्सिंग होम पर लेना बंद करना चाहिए। इन तक अपना मैसेज पहुंचाने का यही तरीका है। 
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दो
जिससे और लोग अखबारों में विज्ञापन नहीं दें और फिर कुछ चुनिंदा लोग एंबुलेंस के जरिये सारे मरीज अपने नर्सिंग होम में बुलाएं।

तीन
केंद्र सरकार के निर्देशानुसार हम सब को समाचार पत्रों में विज्ञापन देना बंद करना है....।
 

एक और श्रीपारस पीड़ित ने कोर्ट में दिया प्रार्थनापत्र
श्री पारस अस्पताल में मैनपुरी की सीमा शर्मा की भी मौत हुई थी। वह कोरोना पॉजिटिव थीं। परिजनों के मुताबिक, ऑक्सीजन की कमी दिखाकर अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही की। इस मामले में महिला के पति ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र दाखिल किया है। युवा अधिवक्ता संघ के मंडल अध्यक्ष नितिन वर्मा ने बताया कि बेवर, मैनपुरी निवासी राजीव शर्मा ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया है। इसमें कहा गया है कि उनकी पत्नी सीमा शर्मा को कोरोना पॉजिटिव होने पर श्री पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान सीमा की मौत हो गई थी। वीडियो सामने आने के बाद राजीव शर्मा को ऑक्सीजन की मॉकड्रिल का पता चला था। पहले सीमा के बेटे क्षितिज ने शिकायत की थी। उसने पुलिस को प्रार्थनापत्र दिया था। एसएसपी से भी मुलाकात की थी।

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कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया। मगर, उसकी उम्र 16 साल होने की वजह से कोर्ट में प्रार्थनापत्र मान्य नहीं किया गया था। इस पर क्षितिज के पिता राजीव शर्मा ने मंगलवार को अधिवक्ताओं के पैनल के माध्यम से ऑनलाइन प्रार्थनापत्र दाखिल कर दिया। अब जल्द ही कोर्ट थाने से रिपोर्ट तलब करेगा। मामले में सुनवाई की तारीख लगेगी। इसके अलावा कोर्ट में छत्ता निवासी अशोक चावला और इटावा निवासी राजू यादव की ओर से भी प्रार्थनापत्र दाखिल किए गए हैं। दोनों में सुनवाई के लिए तारीख तय हो चुकी हैं। अशोक चावला के पिता और भाई की पत्नी की मौत हुई थी। राजू यादव के बहनोई की श्री पारस में मौत हुई थी। 

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