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Health News: यदि आप मोटे हैं और पैर के पंजों में आ रहे ये बदलाव...तो हो जाएं सावधान, इस बीमारी के हैं संकेत

Mon, 14 Oct 2024 08:50 AM IST
धीरेन्द्र सिंह धर्मेंद्र त्यागी, अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
धर्मेंद्र त्यागी, अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Mon, 14 Oct 2024 08:50 AM IST
सार

मोटापे से वैसे तो कई बीमारियां होती हैं, लेकिन ये फ्लैट फुट की बीमारी भी दे रहा है। इस बीमारी में पंजा सपाट हो जाता है, जिसकी वजह से चलने-फिरने में दर्द होता है।
 

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If you are obese and these changes are coming in your toes then be careful these are signs of flat foot
पैर का पंजा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मोटापा और अत्यधिक भार से पैर सपाट हो रहे हैं। महज 150-200 मीटर चलने पर ही दर्द होने लग रहा है। एसएन मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग के अध्ययन में 28 फीसदी लोगों में यह दिक्कत मिल रही है। इनमें करीब 82 फीसदी कामकाजी युवा और किशोर हैं।
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विभागाध्यक्ष डॉ. अमृत गोयल ने बताया कि ओपीडी में आए 830 मरीजों के अध्ययन में मांसपेशियों में दर्द, थोड़ी दूर चलने पर पैरों में दर्द, सूजन की परेशानी मिली। इनका वजन औसत से डेढ़ गुना अधिक था। भार से तलवों की मांसपेशियां कमजोर होने से गोलाई कम मिली। इसे फ्लैट फुट कहते हैं, जो 28 फीसदी मरीजों में मिली। इनमें भी 15 से 40 साल उम्र के 82 फीसदी मरीज रहे।

 
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दबाव से एड़ी की हड्डी भी बढ़ी पाई गई। फ्लैट फुट से 150-200 मीटर चलने पर ही पैर-मांसपेशियों में दर्द, थकान हो रही थी। देर तक खड़े होकर कार्य नहीं कर पा रहे थे। चलने-दौड़ने की गति भी प्रभावित पाई गई।
 
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खेलकूद में नहीं कर पाते प्रतिभाग
एसएन के हड्डी रोग विभाग के डॉ. रजत कपूर ने बताया कि फ्लैट फुट किशोरों और युवाओं के लिए अधिक दिक्कत वाला है। खेलकूद में प्रदर्शन प्रभावित होता है। कई बार प्रतिभाग भी नहीं कर पाते हैं। ज्यादा देर तक खड़े होकर कार्य नहीं कर पाते। नसों में खिंचाव, अंदरूनी मांसपेशियां भी फट जाती हैं। ऐसी स्थिति में जूतों में आर्च (कृत्रिम गोलाई) लगाते हैं। इससे मरीज को राहत मिलती है।

 

5 से 6 हजार कदम रोज चलें
वरिष्ठ यूरोलोजिस्ट एंड एंड्रोलोजिस्ट डॉ. अरुण तिवारी ने बताया कि मोटापा और खराब फिटनेस से यौन क्षमता पर भी प्रभाव पड़ रहा है। नसों में रक्त संचार की गति कम होने लगती है। वैवाहिक जीवन में परेशानी आ रही हैं। ओपीडी में करीब 40 फीसदी ऐसे युवा मरीज हैं, जिनमें खराब फिटनेस, एल्कोहल-धूम्रपान के चलते ये दिक्कत आईं। इन्हें रोजाना 5 से 6 हजार कदम 24 घंटे में रोजाना चलने की सलाह देते हैं। उपचार और फिटनेस सुधरने से परेशानी ठीक होने लगती है।

 

इन बातों का रखें ख्याल
- वजन को बढ़ने न दें और पैरों का नियमित व्यायाम करें।
- नंगे पैर न चलें, अच्छी गुणवत्ता के जूते और चप्पल पहनें।
- खड़े होकर पंजों के बल उठने का नियमित व्यायाम करें।
- घरों में भी महिलाएं आरामदेह चप्पल पहनकर कार्य करें।
- महिलाएं ऊंची एड़ी की चप्पल-जूते पहनने से बचें।
 
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