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आईडीएस: 640 करोड़ की रकम का खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Oct 2016 01:18 AM IST
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देर रात 12 बजे तक खुले रहे आयकर सुविधा केंद्र के काउंटर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बंद तिजोरियों में रखी रकम को सामने लाने में आय घोषणा योजना कामयाब रही है। आगरा में आय घोषणा योजना (आईडीएस-2016) के तहत कुल 640 करोड़ रुपये की रकम आयकर विभाग के सामने आई है। शुक्रवार को योजना का आखिरी दिन था। देर रात 12 बजे तक आयकर कार्यालय में काउंटर खुले रहे। आखिरी दो दिन ही योजना के तहत सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन कराए गए। रजिस्टर्ड लोगों को किश्तों में रकम जमा करने की सुविधा दी गई है।
प्रमुख आयकर आयुक्त अनुराधा मिश्रा ने 30 सितंबर को खत्म हुई आय घोषणा योजना पर सीधे निगाह रखी। संजय प्लेस स्थित आयकर कार्यालय में पहली मंजिल पर विशेष कक्ष बनाया गया था, जिसमें उद्यमियों ने देर रात तक रजिस्ट्रेशन कराए। पुरानी प्रापर्टी और पैन कार्ड की अनिवार्यता पर संशोधन के बाद उद्यमियों ने योजना को लेकर रिस्पांस दिखाना शुरू किया। गुरुवार और शुक्रवार को ही सबसे ज्यादा लोग आईडीएस का फायदा लेने के लिए पहुंचे। चार्टर्ड एकाउंटेंटों के जरिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी कराए गए, जबकि कइयों ने आयकर अधिकारियों से चर्चा के बाद ही रजिस्ट्रेशन कराया।
शुक्रवार रात तक जितने रजिस्ट्रेशन हुए हैं, उसके मुताबिक आयकर विभाग के सामने 640 करोड़ रुपये की आय सामने आई है। आयकर विभाग के अधिकारी देर रात तक काउंटरों पर पहुंचे लोगों को योजना की बारीकियों के बारे में बताते रहे।
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मिठाईवाले, मैरिज होम पर नजर
आगरा। आयकर विभाग के बाद वाणिज्य कर विभाग ने भी टैक्स वसूलने में सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। वाणिज्य कर के एडीशनल कमिश्नर ग्रेड 1 वीबी सिंह ने मिष्ठान विक्रेताओं और होटल संचालकों के साथ बैठक शुक्रवार को जयपुर हाउस कार्यालय में की। इसमेें अधिकारियों ने टैक्स में हो रही कमी के बारे में बताया। मिष्ठान विक्रेताओं ने 20 फीसदी तक टैक्स बढ़ाकर जमा करने पर सहमति दी, जबकि होटल संचालकों ने कहा कि उनके पास शादी समारोह नहीं हो रहे। कैटरिंग के लिए मैरिज होम और बैंक्वेट हॉल से टैक्स लिया जाए।
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प्रमुख आयकर आयुक्त अनुराधा मिश्रा ने 30 सितंबर को खत्म हुई आय घोषणा योजना पर सीधे निगाह रखी। संजय प्लेस स्थित आयकर कार्यालय में पहली मंजिल पर विशेष कक्ष बनाया गया था, जिसमें उद्यमियों ने देर रात तक रजिस्ट्रेशन कराए। पुरानी प्रापर्टी और पैन कार्ड की अनिवार्यता पर संशोधन के बाद उद्यमियों ने योजना को लेकर रिस्पांस दिखाना शुरू किया। गुरुवार और शुक्रवार को ही सबसे ज्यादा लोग आईडीएस का फायदा लेने के लिए पहुंचे। चार्टर्ड एकाउंटेंटों के जरिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी कराए गए, जबकि कइयों ने आयकर अधिकारियों से चर्चा के बाद ही रजिस्ट्रेशन कराया।
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शुक्रवार रात तक जितने रजिस्ट्रेशन हुए हैं, उसके मुताबिक आयकर विभाग के सामने 640 करोड़ रुपये की आय सामने आई है। आयकर विभाग के अधिकारी देर रात तक काउंटरों पर पहुंचे लोगों को योजना की बारीकियों के बारे में बताते रहे।
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मिठाईवाले, मैरिज होम पर नजर
आगरा। आयकर विभाग के बाद वाणिज्य कर विभाग ने भी टैक्स वसूलने में सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। वाणिज्य कर के एडीशनल कमिश्नर ग्रेड 1 वीबी सिंह ने मिष्ठान विक्रेताओं और होटल संचालकों के साथ बैठक शुक्रवार को जयपुर हाउस कार्यालय में की। इसमेें अधिकारियों ने टैक्स में हो रही कमी के बारे में बताया। मिष्ठान विक्रेताओं ने 20 फीसदी तक टैक्स बढ़ाकर जमा करने पर सहमति दी, जबकि होटल संचालकों ने कहा कि उनके पास शादी समारोह नहीं हो रहे। कैटरिंग के लिए मैरिज होम और बैंक्वेट हॉल से टैक्स लिया जाए।