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किसानों की जमीन के साथ 'खेल' में फंसे आईएएस जुहेर बिन सगीर, रिश्तेदारों को ऐसे पहुंचाया था लाभ
Wed, 11 Dec 2019 01:24 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 11 Dec 2019 01:24 PM IST
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आईएएस अधिकारी जुहेर बिन सगीर
आगरा में करीब बारह वर्ष पहले हुए जमीन घोटाले की जांच पूरी हो गई है। ईओडब्ल्यू(आर्थिक अपराध शाखा) ने 13 लोगों को दोषी माना है। सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज की जाएगी। शासन से इसकी मंजूरी मिल गई है।
आईएएस अधिकारी जुहेर बिन सगीर जमीन के तीन मामलों में फंसे हैं। आगरा के फतेहाबाद थाना में दर्ज केस में विजिलेंस जांच पूरी हो गई जबकि मुरादाबाद में दर्ज दो मामलों में अभी चल रही है। फतेहाबाद में हुए जमीन के इस खेल में किसानों के साथ बड़ा धोखा हुआ। उनकी जमीन आठ लाख 20 हजार रुपये में खरीदी गई जबकि डीएम की मौसेरी बहन को उसी जमीन का 28.65 लाख मिला।
मुरादाबाद में भी जुहेर बिन सगीर के खिलाफ भ्रष्टाचार के दो मामले दर्ज किए गए थे। यहां उन पर सीलिंग की जमीन छोड़ने में भ्रष्टाचार का आरोप लगा था। दूसरा मामला जेल की जमीन में खेल का है। इनकी जांच भी सतर्कता अधिष्ठान कर रहा है।
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आईएएस अधिकारी जुहेर बिन सगीर जमीन के तीन मामलों में फंसे हैं। आगरा के फतेहाबाद थाना में दर्ज केस में विजिलेंस जांच पूरी हो गई जबकि मुरादाबाद में दर्ज दो मामलों में अभी चल रही है। फतेहाबाद में हुए जमीन के इस खेल में किसानों के साथ बड़ा धोखा हुआ। उनकी जमीन आठ लाख 20 हजार रुपये में खरीदी गई जबकि डीएम की मौसेरी बहन को उसी जमीन का 28.65 लाख मिला।
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मुरादाबाद में भी जुहेर बिन सगीर के खिलाफ भ्रष्टाचार के दो मामले दर्ज किए गए थे। यहां उन पर सीलिंग की जमीन छोड़ने में भ्रष्टाचार का आरोप लगा था। दूसरा मामला जेल की जमीन में खेल का है। इनकी जांच भी सतर्कता अधिष्ठान कर रहा है।
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आगरा के फतेहाबाद के मामले में सूत्रों का कहना है कि सतर्कता अधिष्ठान की हाल के दिनों में यह सबसे तेज कार्रवाई है। शासन से अनुमति मिलते ही जुहेर बिन सगीर की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। अनुमति मिलने के बाद सतर्कता अधिष्ठान उनके खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल करेगा और फिर उस पर सुनवाई शुरू होगी।
बैनामों से मिले साक्ष्य
विजिलेंस ने जांच के लिए तहसील फतेहाबाद से बैनामे निकलवाए। इससे पता चला कि खालिदा रहमान ने किससे और कितने में जमीन ली। इसके बाद एडीएम वित्त्त एवं राजस्व से जमीन के मुआवजे की जानकारी ली। विजिलेंस ने उन किसानों के बयान भी दर्ज किए जिनकी जमीन खालिदा ने खरीदी थी।
बैनामों से मिले साक्ष्य
विजिलेंस ने जांच के लिए तहसील फतेहाबाद से बैनामे निकलवाए। इससे पता चला कि खालिदा रहमान ने किससे और कितने में जमीन ली। इसके बाद एडीएम वित्त्त एवं राजस्व से जमीन के मुआवजे की जानकारी ली। विजिलेंस ने उन किसानों के बयान भी दर्ज किए जिनकी जमीन खालिदा ने खरीदी थी।