{"_id":"6104f5e08ff1c82a074aa6e5","slug":"hyena-injured-in-road-accident-in-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आगरा: सड़क हादसे में लकड़बग्घा हुआ घायल, वाइल्डलाइफ एसओएस में चल रहा उपचार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा: सड़क हादसे में लकड़बग्घा हुआ घायल, वाइल्डलाइफ एसओएस में चल रहा उपचार
Sat, 31 Jul 2021 12:34 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 31 Jul 2021 12:34 PM IST
सार
वाइल्डलाइफ एसओएस के हेल्पलाइन नंबर पर किसी ने फोनकर घायल लकड़बग्घा की जानकारी दी थी। वाइल्डलाइफ की टीम ने उसका रेस्क्यू किया।
विज्ञापन
घायल लकड़बग्घा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा के थाना खेरागढ़ क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आकर गंभीर घायल हुई मादा लकड़बग्घा को वाइल्डलाइफ एसओएस रैपिड रिस्पांस यूनिट ने शुक्रवार को भिलावली गांव से रेस्क्यू किया। उसकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई है। वाइल्डलाइफ एसओएस के अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।
विज्ञापन
वाइल्डलाइफ एसओएस के हेल्पलाइन नंबर (+91-9917109666) पर किसी ने फोनकर घायल लकड़बग्घा की जानकारी दी थी। आवश्यक बचाव उपकरण के साथ, वाइल्डलाइफ एसओएस की तीन सदस्यीय टीम वन विभाग के अधिकारियों के साथ भिलावली गांव के लिए रवाना हुई। लकड़बग्घे के पीछे का हिस्सा पूरी तरह से पैरालाइस्ड है, जिसकी वजह से वह चलने या खड़े हो पाने में भी असमर्थ है।
विज्ञापन
वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम तुरंत लकड़बग्घे को मेडिकल परीक्षण के लिए अपने अस्पताल ले आई। एक्स-रे परीक्षण में रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है और लकड़बग्घे की अभी गहन देखभाल की जा रही है।
विज्ञापन
लकड़बग्घे का बच पाना मुश्किल
वाइल्डलाइफ एसओएस की पशु-चिकित्सा सेवाओं के उप-निदेशक डॉ इलियाराजा ने बताया कि लकड़बग्घा बुरी तरह से घायल अवस्था में पाया गया था, जो अपने शरीर के भार को उठाने में भी असमर्थ है। एक्स-रे में रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर का पता चला है। हम जानवर को उचित उपचार देने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, हालांकि उसका बच पाना बहुत ही मुश्किल लग रहा है।
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि हमारी टीम लकड़बग्घे की स्थिति पर करीबी से नजर रख रही है। शहर में वन्यजीव गलियारों एवं अंडरपास की कमी इस तरह की घटनाओं का प्रमुख कारण है, जिसके कारण कई जानवर सड़क या रेलवे की पटरी पार करते समय अपनी जान जोखिम में डालते हैं और अक्सर वाहनों या ट्रेन की टक्कर के शिकार हो जाते हैं।
अपने शहर की खबरों से अपडेट रहने के लिए पढ़ते रहिए amarujala.com । अमर उजाला आगरा के फेसबुक पेज को लाइक और फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं।
वाइल्डलाइफ एसओएस की पशु-चिकित्सा सेवाओं के उप-निदेशक डॉ इलियाराजा ने बताया कि लकड़बग्घा बुरी तरह से घायल अवस्था में पाया गया था, जो अपने शरीर के भार को उठाने में भी असमर्थ है। एक्स-रे में रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर का पता चला है। हम जानवर को उचित उपचार देने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, हालांकि उसका बच पाना बहुत ही मुश्किल लग रहा है।
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि हमारी टीम लकड़बग्घे की स्थिति पर करीबी से नजर रख रही है। शहर में वन्यजीव गलियारों एवं अंडरपास की कमी इस तरह की घटनाओं का प्रमुख कारण है, जिसके कारण कई जानवर सड़क या रेलवे की पटरी पार करते समय अपनी जान जोखिम में डालते हैं और अक्सर वाहनों या ट्रेन की टक्कर के शिकार हो जाते हैं।
अपने शहर की खबरों से अपडेट रहने के लिए पढ़ते रहिए amarujala.com । अमर उजाला आगरा के फेसबुक पेज को लाइक और फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं।