आगरा: बच्चे का इलाज कराने पत्नी को भेजा फिर लेने नहीं आया पति, पांच महीने से मायके में रह रही महिला
आगरा की सदर तहसील में मंगलवार को राज्य महिला आयोग सदस्य निर्मला दीक्षित ने पीड़ित महिलाओं की शिकायतें सुनीं। इस दौरान एक महिला अपने बच्चे को गोद में लेकर पहुंची और पति के खिलाफ शिकायत की।
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मैडम, बच्चे के इलाज के लिए पति ने मायके भेजा था। पांच महीने हो गए दोबारा लेने नहीं आए। मैं तीन बार ससुराल में गई, वहां ताला लटका है। सास-ससुर भी कहीं चले गए हैं। मैं मायके में रह रही हूं। मेरा दो साल का बेटा है। ये आपबीती मंगलवार को आगरा के खंदारी निवासी महिला ने राज्य महिला आयोग सदस्य निर्मला दीक्षित को सुनाई। मौका था सदर तहसील में आयोजित महिला उत्पीड़न मामलों की जनसुनवाई का।
गोद में बच्चे को लेकर जनसुनवाई के लिए पहुंची पत्नी ने महिला आयोग सदस्य को पति की शिकायत की। सदस्य ने कहा, पति का मोबाइल नंबर दीजिए। फिर बराबर में बैठी महिला थानाध्यक्ष से कहा नंबर मिलाकर जरा इसके पति से बात करो। महिला थानाध्यक्ष ने नंबर मिलाया, तो पति बोला मैं हरिद्वार में हूं। सदस्य ने तीन दिन में पति को बुलाकर काउंसिलिंग कराने के निर्देश पुलिस को दिए हैं।
58 साल की महिला भी पति की शिकायत लेकर पहुंची
इसके बाद चर्च रोड निवासी एक अधिवक्ता की 58 वर्षीय पत्नी पहुंची। उन्होंने कहा, शादी को 36 साल हो गए। मेरी बेटी की शादी हो चुकी है। बेटा वकालत की पढ़ाई कर रहा है। पति का उनकी महिला सहयोगी से संबंध हैं। सदस्य ने मामले की जांच कराने और पति व उनकी सहयोगी को अगली सुनवाई में बुलाने के निर्देश दिए हैं। दोपहर 11 बजे से एक बजे तक जनसुनवाई में 12 मामले आए। इस दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी मनोज पुष्कर आदि मौजूद रहे।
बैठक में नहीं पहुंचे अफसर
राज्य महिला आयोग सदस्य ने जनसुनवाई से पहले महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं की समीक्षा की। दिव्यांग पेंशन की प्रगति पूछी, तो सभागार में दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी गैर हाजिर थे। सदस्य ने पूछा, क्या उन्हें सूचित नहीं किया गया। जवाब मिला, मैडम सूचना भेजी थी।
सदस्य ने कहा, फोन लगाकर पूछो कहां हैं। फोन लगाकर पूछा, तो जवाब मिला रास्ते में हूं आ रहा हूं। दोपहर 12.30 बजे तक अधिकारी नहीं पहुंचे। जिला कार्यक्रम, समाज कल्याण अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जाने की बात कह समीक्षा खत्म होने से पहले ही चले गए।
12 महीने में उत्पीड़न की 1536 शिकायतें
पुलिस क्षेत्राधिकारी ने समीक्षा के दौरान बताया कि 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2021 तक महिला उत्पीड़न की 1536 शिकायतें आई, जिनमें से 1026 का निस्तारण किया है। 510 शिकायतों की जांच लंबित है।