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आगरा में सामूहिक आत्महत्या: कारोबारी ने पत्नी संग की आत्महत्या, घर में मृत मिली पांच साल की बेटी, तीन मौतों ने सभी को दहलाया
Fri, 03 Dec 2021 12:56 PM IST
Abhishek Saxena
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 03 Dec 2021 12:56 PM IST
सार
दंपती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को पत्नी का शव फर्श पर पड़ा मिला है जबकि पति का शव फंदे पर लटका हुआ था। पड़ोसियों ने घटना की जानकारी दी।
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आगरा: परिवार की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के जगदीशपुरा स्थित बंशी विहार में बैटरी-इनवर्टर की फर्म के ऑफिस में शुक्रवार सुबह मालिक योगेश मिश्रा (46) और उनकी पत्नी प्रतीची मिश्रा (43) के शव मिले। पति का शव फंदे पर लटका था, जबकि पत्नी फर्श पर मृत पड़ी थीं। मारुति एन्क्लेव स्थित घर में योगेश मिश्रा की पांच साल की बेटी काव्या मृत मिली। पुलिस को ऑफिस में पति-पत्नी के सामूहिक आत्महत्या करने का सुसाइड नोट मिला। मगर, आत्मघाती कदम क्यों उठाया? इसके पीछे की कोई वजह नहीं लिखी थी।
मूलरूप से एटा के थाना बागवाला स्थित जमलापुर निवासी योगेश मिश्रा पुत्र सुनहरी लाल मिश्रा तकरीबन 25 साल से मारुति एन्क्लेव, जगदीशपुरा में रह रहे थे। उनकी शादी वर्ष 2009 में प्रतीची मिश्रा से हुई थी। उनकी दो बेटियां 11 साल की आध्या और पांच साल की काव्या थी। उनके पिता अध्यापक थे। उनकी वर्ष 1994 में मौत हो गई थी। मां सरोज मिश्रा बेटे योगेश के साथ ही रहती थीं। वह तीन भाई और एक बहन थे। योगेश के बडे़ भाई विकास मिश्रा नोएडा की कंपनी में अधिकारी हैं, जबकि छोटे भाई शैलेष एटा में ही रहते हैं। वो शिक्षक हैं। उन्होंने बंशी विहार में अपनी कोठी की पहली मंजिल पर फर्म का आफिस खोल रखा था, जिसमें आनलाइन बैटरी और इनवर्टर का कारोबार करते थे।
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मूलरूप से एटा के थाना बागवाला स्थित जमलापुर निवासी योगेश मिश्रा पुत्र सुनहरी लाल मिश्रा तकरीबन 25 साल से मारुति एन्क्लेव, जगदीशपुरा में रह रहे थे। उनकी शादी वर्ष 2009 में प्रतीची मिश्रा से हुई थी। उनकी दो बेटियां 11 साल की आध्या और पांच साल की काव्या थी। उनके पिता अध्यापक थे। उनकी वर्ष 1994 में मौत हो गई थी। मां सरोज मिश्रा बेटे योगेश के साथ ही रहती थीं। वह तीन भाई और एक बहन थे। योगेश के बडे़ भाई विकास मिश्रा नोएडा की कंपनी में अधिकारी हैं, जबकि छोटे भाई शैलेष एटा में ही रहते हैं। वो शिक्षक हैं। उन्होंने बंशी विहार में अपनी कोठी की पहली मंजिल पर फर्म का आफिस खोल रखा था, जिसमें आनलाइन बैटरी और इनवर्टर का कारोबार करते थे।
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कर्मचारी को किया व्हाट्सएप संदेश
शुक्रवार सुबह 6.57 बजे योगेश ने अपने कर्मचारी मनोज पाठक को व्हाट्सएप पर संदेश किया। गुड मार्निंग के बाद ऑफिस समय पर आने के बारे में लिखा। सुबह तकरीबन 9:55 बजे मनोज आफिस आए। पूजा घर में दीपक जलता मिला। कमरे में एक लाइट भी जली थी। उसने दूसरी लाइट जलाईं। उसने आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। पीछे की तरफ बायीं तरफ बने कमरे में गया तो योगेश का शव गले में गमछे से बने फंदे पर लटका था। उसकी चीख निकल गई। बराबर के मेज के पास उनकी पत्नी प्रतीची का शव पड़ा हुआ था। कर्मचारी ने पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना देकर घटना की जानकारी दी। उधर, कुछ देर बाद ही योगेश मिश्रा की मां सरोज ने मनोज को फोन किया। कहा कि योगेश का मोबाइल नहीं मिल रहा है। बेटी काव्या के होंठ और नाखून नीले पड़े हैं। वो उठ नहीं पा रही है। पुलिस ने उनकी दोनों बेटियों को अस्पताल ले जाने को कहा। अस्पताल में डाक्टर ने काव्या को मृत घोषित कर दिया। आध्या ठीक है।
शुक्रवार सुबह 6.57 बजे योगेश ने अपने कर्मचारी मनोज पाठक को व्हाट्सएप पर संदेश किया। गुड मार्निंग के बाद ऑफिस समय पर आने के बारे में लिखा। सुबह तकरीबन 9:55 बजे मनोज आफिस आए। पूजा घर में दीपक जलता मिला। कमरे में एक लाइट भी जली थी। उसने दूसरी लाइट जलाईं। उसने आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। पीछे की तरफ बायीं तरफ बने कमरे में गया तो योगेश का शव गले में गमछे से बने फंदे पर लटका था। उसकी चीख निकल गई। बराबर के मेज के पास उनकी पत्नी प्रतीची का शव पड़ा हुआ था। कर्मचारी ने पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना देकर घटना की जानकारी दी। उधर, कुछ देर बाद ही योगेश मिश्रा की मां सरोज ने मनोज को फोन किया। कहा कि योगेश का मोबाइल नहीं मिल रहा है। बेटी काव्या के होंठ और नाखून नीले पड़े हैं। वो उठ नहीं पा रही है। पुलिस ने उनकी दोनों बेटियों को अस्पताल ले जाने को कहा। अस्पताल में डाक्टर ने काव्या को मृत घोषित कर दिया। आध्या ठीक है।