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पुलवामा की घटना पर रो पड़े हावर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मोहम्मद अशरफ अजीज
Fri, 15 Feb 2019 07:49 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 15 Feb 2019 07:49 PM IST
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हावर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मोहम्मद अशरफ अजीज
- फोटो : अमर उजाला
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अफ्रीका में जन्मे, वहीं पले-बढ़े और अब हावर्ड विश्वविद्यालय अमेरिका में शिक्षक के रूप में सेवा दे रहे प्रोफेसर मोहम्मद अशरफ अजीज पुलवामा में आतंकी घटना का जिक्र कर रो पड़े। वह दयालबाग शिक्षण संस्थान (डीईआई) में आयोजित संगोष्ठी में हिस्सा लेने पहुंचे थे।
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पहली बार भारत आगमन से प्रोफेसर मोहम्मद अशरफ बेहद उत्साहित थे। पुलवामा में आतंकवादी हमले की खबर सुनकर उन्हें बहुत दुख हुआ। प्रो. अशरफ अप्रवासी भारतीय हैं। उनका परिवार पंजाब में रहता था।
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जलियावाला बाग कांड के समय परिवार के लोग अफ्रीका चले गए। वहीं प्रोफेसर मोहम्मद अशरफ अजीज का जन्म हुआ। माता-पिता पंजाबी ही बोलते थे, इससे अफ्रीका में रहते हुए भी उनका पूरा परिवार भारतीयता के रंग में रंगा है। सभी हिंदी फिल्में देखते हैं और गाने गाते हैं।
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दोस्ती और मुहब्बत का दिया पैगाम
प्रोफेसर मोहम्मद अशरफ अजीज का पुलवामा आतंकी घटना के संबंध में कहना है कि इसके खिलाफ एक बात हर संस्कृति और ग्रंथों में लिखा है, तुम किसी बेगुनाह की जान नहीं ले सकते। यह गलत है। दोस्ती और मुहब्बत का पैगाम विश्वभर में फैलाना होगा।
उन्होंने गीत भी गाकर सुनाया‘साथी हाथ बढ़ाना... एक अकेला थक जाएगा।’ पास खड़ी कुछ छात्राओं को संदेश दिया कि वह कुछ रचनात्मक करें। उसे लोग हमेशा याद करेंगे। बहादुर शाह चले गए, उनकी सल्तनत चली गई, पर उनकी रचनाएं रह गईं।
उन्होंने गीत भी गाकर सुनाया‘साथी हाथ बढ़ाना... एक अकेला थक जाएगा।’ पास खड़ी कुछ छात्राओं को संदेश दिया कि वह कुछ रचनात्मक करें। उसे लोग हमेशा याद करेंगे। बहादुर शाह चले गए, उनकी सल्तनत चली गई, पर उनकी रचनाएं रह गईं।