थाली की सब्जी खा गई महंगाई: सब्जियों की बढ़ती कीमतों से महिलाएं परेशान, घर चलाना हुआ मुश्किल
बढ़ती महंगाई ने घर का बजट बिगाड़ दिया है। महिलाओं को समझ नहीं आ रहा है कि घर का खर्च कैसे चलाया और किन-किन चीजों में कटौती की जाए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गर्मी का पारा चढ़ने के साथ सब्जियों के भाव भी आसमान छूने लगे हैं। इससे रसोई का जायका बिगड़ गया है। लोगों की थाली से हरी सब्जी और सलाद गायब होने लगी है। आगरा में 10 दिन पहले तोरई 60 रुपये किलो मिल रही थी, वहीं अब इसके दाम में 40 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। टिंडे के भी दाम 80 से बढ़कर 100 रुपये किलो हो गए हैं। टमाटर इस समय 60 रुपये किलो बिक रहा है। महिलाओं को समझ नहीं आ रहा है कि घर का खर्च कैसे चलाया और किन-किन चीजों में कटौती की जाए।
बल्केश्वर निवासी माधुरी भारद्वाज कहती है कि घरेलू सामान और सब्जियों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। परिवार में चार सदस्य हैं। पिछले महीने का खर्च जहां सात हजार रुपये में चल रहा था। वही इस महीने बढ़कर नौ हजार रुपये तक पहुंच गया। इसके साथ ही इस महीने बच्चों का स्कूल में दाखिला कराया तो और भी ज्यादा बजट गड़बड़ा गया। किताबों से लेकर ड्रेस तक मंहगी हो गई। इस बढ़ती महंगाई में घर चलाना बड़ा ही मुश्किल हो रहा है।
एक किलो नींबू के दाम में मिल रहा पांच किलो संतरा
गर्मी के मौसम में पहली बार नींबू ने लोगों के दांत ज्यादा खट्टे किए हैं। किलो में बिकने वाला नींबू पीस के आधार पर बिक रहा है। शहर में एक किलों नीबू के बराबर के रेट में पांच किलो संतरा मिल रहा है। नींबू 250 से 300 रुपये किलो और संतरा 55 से 60 रुपये किलो मिल रहा है। इस मौसम में नींबू की मांग अधिक बढ़ जाती है। लेकिन इसकी कीमतों में आए उछाल की वजह से लोग नींबू खरीदने से पहले सौ बार सोच रहे हैं।
पहले देखनी पड़ रही जेब
ईदगाह कॉलोनी निवासी ऋतु धवन ने बताया कि उनके घर में चार सदस्य हैं। मार्च में महीने भर का राशन पांच हजार रुपये में आ रहा था। इसके साथ ही हफ्ते भर की सब्जी चार से पांच सौ रुपये में आ रही थी। लेकिन अब राशन छह हजार का और एक सप्ताह की सब्जी सात से आठ सौ रुपये में आ रही है।
सब्जी खाना भी मुश्किल
अर्जुन नगर निवासी गृहणी क्षमा सक्सेना कहती है कि सरकार महंगाई पर ध्यान नहीं दे रही है। महंगाई रसोई का बजट बिगाड़ रही है। आम लोगों की थाली से सब्जी भी गायब होने लगी है। पांच लोगों का परिवार है। इस महंगाई में सब्जी खाना भी मुश्किल हो रहा है।
घर का बजट गड़बड़ाया
विजय नगर निवासी अनुराधा अग्रवाल कहती हैं कि पहले राशन पर दाम बढ़ने से घर का बजट गड़बड़ा रहा था। लेकिन अब सब्जियां महंगी होने से और भी ज्यादा परेशानी हो गई है। गर्मी के मौसम में हरी सब्जियों पर बढ़ती कीमतों ने मुश्किल खड़ी कर दी है।
10 दिन में बढ़ गए सब्जियों के दाम
|
सब्जी |
पहले |
अब |
|
नींबू |
150 |
280 |
|
खीरा |
40 |
60 |
|
पुदीना |
60 |
80 |
|
प्याज |
30 |
40 |
|
ककड़ी |
80 |
60 |
|
टिंडे |
80 |
100 |
|
भिंडी |
70 |
100 |
|
करेला |
50 |
80 |
|
टमाटर |
40 |
60 |
|
हरी मिर्च |
60 |
80 |
|
मटर |
50 |
60 |
|
शिमला मिर्च |
60 |
80 |
|
लौकी |
25 |
40 |
|
तोरई |
60 |
100 |
(जैसा कि सिकंदरा मंडी के आढ़त व्यवसायी मनीष शर्मा ने बताया। दाम रुपये प्रति किलो में हैं)