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डिस्पेंसरी में किराए की जगह पर 34 वर्ष से चल रहा पशुओं का दवाखाना
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टूंडला के गांव खेमकरनपुर में नींव भरकर छोड़ा गया पशु चिकित्सा सेवा केन्द्र
- फोटो : TUNDLA
टूंडला (फिरोजाबाद)। ग्राम पंचायत लतुर्रा के गांव खेमकरनपुर में 34 वर्ष पूर्व खुली पशु डिस्पेंसरी आज भी किराए की जगह पर चल रही है। तीन साल पहले पशु चिकित्सालय बनवाने के लिए टेंडर उठा और ठेकेदार द्वारा नींव भी भरी गई लेकिन ठेकेदार नींव भरकर भाग गया।
खेमकरनपुर में 34 वर्ष पूर्व पशुओं के उपचार के लिए ग्रामीणों की मांग पर एक डिस्पेंसरी खोली गई। जगह न होने पर गांव के सतीश उपाध्याय द्वारा नि:शुल्क जगह उपलब्ध करा दी। तब से डिस्पेंसरी ही चल रही है। तीन वर्ष पहले पशु चिकित्सालय बनाने के लिए टेंडर होकर ठेका भी उठा लेकिन ठेकेदार ने टेंडर के एक वर्ष बाद काम शुरू किया और सिर्फ नींव भरकर छोड़ दी। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत स्थानीय अधिकारियों से लेकर शासन तक से की लेकिन कोई हल नहीं निकला। ग्रामीणों ने कहा कि पशु चिकित्सालय न होने के कारण लोगों को पशु दूर ले जाने पड़ते हैं।
10 लाख के इस प्रोजेक्ट में पहला ठेकेदार काम छोड़कर चला गया है। इस संदर्भ में निदेशालय में पत्राचार भी किया है। इसके बाद ठेकेदार बदल दिया गया है लेकिन अभी उसने काम शुरू नहीं किया है। एक-दो माह में कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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प्रभुंजय शुक्ला
जिला पशु चिकित्साधिकारी, फिरोजाबाद
फोटो-
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खेमकरनपुर में 34 वर्ष पूर्व पशुओं के उपचार के लिए ग्रामीणों की मांग पर एक डिस्पेंसरी खोली गई। जगह न होने पर गांव के सतीश उपाध्याय द्वारा नि:शुल्क जगह उपलब्ध करा दी। तब से डिस्पेंसरी ही चल रही है। तीन वर्ष पहले पशु चिकित्सालय बनाने के लिए टेंडर होकर ठेका भी उठा लेकिन ठेकेदार ने टेंडर के एक वर्ष बाद काम शुरू किया और सिर्फ नींव भरकर छोड़ दी। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत स्थानीय अधिकारियों से लेकर शासन तक से की लेकिन कोई हल नहीं निकला। ग्रामीणों ने कहा कि पशु चिकित्सालय न होने के कारण लोगों को पशु दूर ले जाने पड़ते हैं।
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10 लाख के इस प्रोजेक्ट में पहला ठेकेदार काम छोड़कर चला गया है। इस संदर्भ में निदेशालय में पत्राचार भी किया है। इसके बाद ठेकेदार बदल दिया गया है लेकिन अभी उसने काम शुरू नहीं किया है। एक-दो माह में कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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प्रभुंजय शुक्ला
जिला पशु चिकित्साधिकारी, फिरोजाबाद
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