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सोरोंजी में छाया 6 लाख का बादल तो धूम मचा रहा 4 लाख का मंगल
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सोरोंजी (कासगंज)। तीर्थनगरी सोरोंजी में पिछले 102 से लगने वाले शिवराज पशु मेले में आज भी घोड़ा घोड़ी पालने के शौकीन बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। भले ही कोरोना काल के चलते दो साल बाद यह मेला लग रहा हो, लेकिन व्यापारियों में उत्साह दिखाई दिया है। इस बार मेले में 6 लाख रुपये की कीमत का घोड़ा बादल और 4 लाख की कीमत का मंगल धूम मचा रहा है।
शिवराज पशु मेले में वर्तमान में कई नस्लों के घोड़ा घोड़ी बिक्री के लिए आए हैं। मस्टग, मारवाड़ी, काठियावाड़ी नस्ल के घोड़े व छबीली नस्ल की घोड़ियां सभी के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। कीमत की बात करें तो 50 हजार से लेकर छह लाख रुपये तक की कीमत की घोड़ा-घोड़ी मेले में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। यूपी उत्तरांचल के अलावा, बिहार, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली आदि राज्यों के पशु व्यापारी भी मेले में पहुंचे हैं।
क्या बोले व्यापारी-
फर्रुखाबाद से अपने घोड़े बादल को लेकर आए नरेंद्र ने बताया कि वह हर वर्ष इस मेले में आते हैं। अपने घोड़े की विशेषता बताते हुए कहा कि यह काठियावाड़ी नस्ल का घोड़ा जब दौड़ता है तो हवा से बातें करता है। इसकी कीमत 6 लाख रुपये है।
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करहल मैनपुरी से आये कल्लू ने बताया कि उनके घोड़े मंगल को दौड़ने के साथ-साथ छलांग लगाने में भी महारत हासिल है। इसकी कीमत 4 लाख है। यह घोड़ा यहां बेहद आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस घोड़े के पालन पोषण पर काफी खर्चा करते हैं।
किया गया निशुल्क इंतजाम
मेला आयोजकों द्वारा बाहर से आये पशु व्यापारियों के लिए निशुल्क ठहरने का इंतजाम किया गया है। ताकि व्यापारियों को समस्याओं का सामना न करना पड़े।
क्या बोले आयोजक
मेला आयोजक राव मुकुल मान सिंह का कहना है कि धीरे-धीरे मेले का दायरा सिमटता जा रहा है, पहले पुष्कर से रेगिस्तान का जहाज ऊंट व केरला से हाथी भी व्यापारी मेले में लेकर आया करते थे। लेकिन वर्तमान में अब केवल घोड़ा घोड़ी के व्यापारी ही इस मेले में आते हैं।
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शिवराज पशु मेले में वर्तमान में कई नस्लों के घोड़ा घोड़ी बिक्री के लिए आए हैं। मस्टग, मारवाड़ी, काठियावाड़ी नस्ल के घोड़े व छबीली नस्ल की घोड़ियां सभी के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। कीमत की बात करें तो 50 हजार से लेकर छह लाख रुपये तक की कीमत की घोड़ा-घोड़ी मेले में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। यूपी उत्तरांचल के अलावा, बिहार, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली आदि राज्यों के पशु व्यापारी भी मेले में पहुंचे हैं।
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क्या बोले व्यापारी-
फर्रुखाबाद से अपने घोड़े बादल को लेकर आए नरेंद्र ने बताया कि वह हर वर्ष इस मेले में आते हैं। अपने घोड़े की विशेषता बताते हुए कहा कि यह काठियावाड़ी नस्ल का घोड़ा जब दौड़ता है तो हवा से बातें करता है। इसकी कीमत 6 लाख रुपये है।
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करहल मैनपुरी से आये कल्लू ने बताया कि उनके घोड़े मंगल को दौड़ने के साथ-साथ छलांग लगाने में भी महारत हासिल है। इसकी कीमत 4 लाख है। यह घोड़ा यहां बेहद आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस घोड़े के पालन पोषण पर काफी खर्चा करते हैं।
किया गया निशुल्क इंतजाम
मेला आयोजकों द्वारा बाहर से आये पशु व्यापारियों के लिए निशुल्क ठहरने का इंतजाम किया गया है। ताकि व्यापारियों को समस्याओं का सामना न करना पड़े।
क्या बोले आयोजक
मेला आयोजक राव मुकुल मान सिंह का कहना है कि धीरे-धीरे मेले का दायरा सिमटता जा रहा है, पहले पुष्कर से रेगिस्तान का जहाज ऊंट व केरला से हाथी भी व्यापारी मेले में लेकर आया करते थे। लेकिन वर्तमान में अब केवल घोड़ा घोड़ी के व्यापारी ही इस मेले में आते हैं।

कासगंज सोरोंजी शिवराज पशु मेले में पहुंचा 6 लाख रुपये की कीमत का घोड़ा बादल- फोटो : KASGANJ