फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Honesty of officials, no water in ponds

अधिकारियों की मानमानी, तालाबों में नहीं पानी

Mon, 18 Apr 2022 12:00 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 18 Apr 2022 12:00 AM IST
विज्ञापन
Honesty of officials, no water in ponds
मैनपुरी। गर्मी में तालाबों को लबालब भरने के शासन के आदेश पर अधिकारियों की मनमानी से पानी फिर गया है। जिले के अधिकांश तालाबों में पानी नहीं है और वहां धूल उड़ रही है। पशु-पक्षी पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। पशुपालक भी मवेशियों को लेकर भटकते हैं।
विज्ञापन

जिले में 2183 छोटे-बड़े तालाब हैं। हर वर्ष गर्मी से पहले तालाबों को भरवाया जाता था। इस बार प्रदेश में भाजपा की दोबारा सरकार बनते ही शासन की ओर से तालाबों को भरने के आदेश दिए गए थे। इन आदेशों पर प्रशासनिक अधिकारियों ने अमल नहीं किया। नतीजा जिले में अधिकांश तालाब सूखे पड़े हुए हैं। इन तालाबों को भरवाने की जिम्मेदारी नगर पंचायत और ग्राम पंचायत की है। जिम्मेदारों ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। भीषण गर्मी के बीच तालाबों में पानी न होने से पशु पक्षी बेहाल हो रहे हैं। वहीं मवेशियों को चराने के लिए निकलने वाले पशु पालक भी मवेशियों को पानी पिलाने के लिए इधर उधर भटक रहे हैं।
विज्ञापन

किशनी क्षेत्र की ग्राम पंचायत कैथपुर में तालाब पानी विहीन हो गया है। रविवार को कुछ मवेशी पानी की तलाश में तालाब तक पहुंचे, लेकिन उन्हें पानी नहीं मिला। इधर-उधर भटकने के बाद मवेशी आगे बढ़ गए। पशु पालकों का कहना है कि तालाब में पानी नहीं होने से पशु-पक्षी बूंद-बूंद पानी के लिए भटकते हैं। ऐसे में पशु पालकों को हैंडपंप से खींचकर पानी पिलाना पड़ता है। बेसहारा पशुओं को परेशानी ज्यादा है, क्यों कि उन्हें हैंडपंप से खींचकर पानी पिलाने वाला कोई नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बिछवां क्षेत्र के गांव देवगंज का तालाब इन दिनों सूखा पड़ा हुआ है। शासन के आदेश के बाद भी यह तालाब पानी से लबालब नहीं हुआ है। न तो उच्चाधिकारियों ने ध्यान दिया और न ही ग्राम पंचायत की ओर से ध्यान दिया गया। मौजूदा समय में तालाब में धूल उड़ती है। तालाब के बीच के कुछ हिस्से में पानी है, लेकिन वह काफी गंदा है। ऐसे में जहां जानवरों और पशु पक्षियों को पानी नसीब नहीं हो रहा है। बेसहारा जानवर भी पानी के लिए भटकते हैं।
बेवर ब्लॉक क्षेत्र के गांव नगला केहरी में तालाब सूखा पड़ा है। काफी समय से इस तालाब की सफाई नहीं हुई है। इससे इसमें जलमंजरी फैली हुई है। ग्रामीणों की ओर से भी तालाब पर कब्जा किया गया है। इससे 17 बीघा का तालाब काफी छोटा हो गया है। अफसरों की अनदेखी के कारण ही तालाब की दुर्दशा हो गई है। आसपास बने मकानों का गंदा पानी इस तालाब में छोड़ दिया गया है। कई बार ग्रामीणों ने तालाब के सौंदर्यीकरण की भी मांग की, लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया गया।
सभी ग्राम पंचायतों को अपने क्षेत्र के तालाब भरवाने के लिए आदेशित किया गया है। उप जिलाधिकारियों को भी तालाबों को कब्जा मुक्त कराने के लिए निर्देशित किया गया है, जिससे तालाबों का मनरेगा के तहत सौंदर्यीकरण कराया जा सके।

-विनोद कुमार, सीडीओ।
तालाब की जमीन पर कब्जा किया
भोगांव। विकासखंड जागीर के ककरेटा निवासी मुलायम सिंह ने एसडीएम से शिकायत की है। कहा है कि गांव के रसूखदारों ने ग्रामसभा के तालाब पर कब्जा करके स्थायी निर्माण कर लिया है। शिकायत करने पर कार्रवाई नहीं हुई है। उसने एसडीएम से पैमाइश कराकर कब्जा हटवाने की मांग की है। संवाद
गांव में तालाब सूखा पड़ा है, इससे पशु-पक्षियों को पानी नहीं मिल पा रहा है। पशुपालकों को भी परेशान होना पड़ता है।
-चेतराम सिंह, देवगंज
गांव व तालाबों में पानी नहीं है। इससे पशुओं को पानी नहीं मिल पा रहा है। प्रशासन को सकारात्मक कदम उठाना चाहिए।
-सतीश चंद्र, कैथपुर
तालाब सूखे होने से पशुपालकों को भी परेशानी होती है।उन्हें हैंपपंप से पानी खींचकर पशुओं को पिलाना पड़ता है।
-हेमंत कुमार, कैथपुर
प्रशासन और ग्राम पंचायतें मिलकर काम करें तो सभी तालाब पानी से लबालब होंगे। पानी हर किसी की जरूरत है।
-सुदीप शर्मा, कैथपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed