होमगार्ड ने ई-रिक्शा चालक महिला को मारे थप्पड़, बचाने आई 10 साल की बेटी को भी पीटा
- भगवान टाकीज चौराहे पर गाड़ी खड़ी करने पर होमगार्ड पर मारपीट का आरोप, रिक्शा किया पंक्चर, पीड़ित महिला ने की शिकायत
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आगरा के भगवान टाकीज चौराहे पर शनिवार को ई-रिक्शा खड़ा करने पर चालक महिला के साथ होमगार्ड ने मारपीट कर दी। आरोप है कि पहले रिक्शे में डंडे मारे। इसके बाद सूजा मारकर पंक्चर कर दिया। विरोध पर महिला चालक के थप्पड़ मारे। बीचबचाव कराने पर 10 साल की बेटी के भी थप्पड़ मार दिए। लोगों की भीड़ जुटने पर होमगार्ड ने छोड़ा। पीड़िता ने थाना न्यू आगरा में लिखित शिकायत की है।
सिकंदरा निवासी सरिता उपाध्याय ने बताया कि उनके पास ई-रिक्शा चलाने का एसएसपी और जिलाधिकारी की ओर से जारी अनुमति पत्र है। वह एमजी रोड पर भी ई रिक्शा चला सकती हैं। शनिवार को साढ़े 10 बजे वह ई-रिक्शा लेकर भगवान टाकीज चौराहे पर आई थीं। तभी होमगार्ड विष्णु आ गया। वह आगे रिक्शा खड़ा करने की कहने लगा। इस पर वह कुछ दूर चली गईं। इस पर भी होमगार्ड आ गया। वहां भी मना करने लगा।
उन्होंने कहा कि अगर, ज्यादा दूर चली जाएंगी तो सवारी नहीं मिलेंगी। फिर यहां आने का क्या फायदा होगा? इस पर होमगार्ड भड़क गया। उसने रिक्शे में डंडे मारने शुरू कर दिए। बाद में सूजा निकाल लिया। आरोप है कि सूजा मारकर रिक्शे के दो पहिये पंक्चर कर दिए। इस पर सरिता ने विरोध किया। मगर, होमगार्ड नहीं माना। वह अभद्रता करने लगा।
आरोप है कि होमगार्ड ने सरिता उपाध्याय के दो थप्पड़ मार दिए। उनके चीखने पर रिक्शे में बैठी दस साल की बेटी वैष्णवी आ गई। उसने भी रोकने का प्रयास किया, लेकिन होमगार्ड ने उसे भी पीटा। हंगामा होने पर लोगों की भीड़ लग गई इस पर होमगार्ड चला गया। पीड़िता ने थाना न्यू आगरा में लिखित शिकायत की है।
होमगार्ड पर होगी विभागीय कार्रवाई : एएसपी
सीओ हरीपर्वत सौरभ दीक्षित ने बताया कर महिला से मारपीट और रिक्शे को सूजा मारकर पंक्चर करने की शिकायत मिली थी। प्रथम दृष्टया शिकायत सही मिली। इस पर होमगार्ड को ड्यूटी से हटाने और विभागीय कार्रवाई के लिए होमगार्ड कमांडेंट को पत्र लिखा है।
बेटी के इलाज के लिए पांच साल से चला रही ई रिक्शा
सरिता ने बताया कि पति अमित उपाध्याय भी आटो चलाता है। सात साल की बेटी गायत्री के दिल में छेद है। इलाज में काफी खर्च हो रहा था। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो गई। बेटी का इलाज कराने के लिए उन्होंने खुद ही ई रिक्शा चलाना शुरू कर दिया। इसके बावजूद चौराहे पर आए दिन पुलिसकर्मी परेशान करते हैं, जबकि महिला ई रिक्शा उनके अलावा एक और महिला ही चलाती हैं। नियमों का भी उल्लंघन नहीं करती हैं।