फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Holika Dahan on auspicious time in agra

Holika Dahan 2026: आगरा में 3000 स्थानों पर होलिका दहन, कई जगह सजाई गईं आकर्षक झांकियां

Mon, 02 Mar 2026 10:21 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: Arun Parashar Updated Mon, 02 Mar 2026 10:21 PM IST
सार

आगरा में शुभ मुहूर्त में सोमवार को होलिका दहन किया गया। इससे पहले दिन में महिलाओं ने होलिका की विधि-विधान से पूजा अर्चना की। कई स्थानों पर सजाई गईं झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।

विज्ञापन
Holika Dahan on auspicious time in agra
होलिका दहन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

शहर में सोमवार को होलिका पूजन और दहन का पर्व श्रद्धा व उल्लास के साथ संपन्न हुआ। शहर के लगभग 3000 स्थानों पर होलिका स्थापित की गईं। महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। दिन में पूजन के बाद रात को शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया गया।
विज्ञापन


दोपहर बाद से ही शहर के चौराहों और गलियों में स्थापित होलिका स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। सेंट जोंस चौराहा और शालीमार एंक्लेव समेत कई स्थानों पर आकर्षक झांकियां सजाई गईं और होलिका मैया की प्रतिमाएं भी स्थापित की गईं। महिलाओं ने गुलाल, दीपक और धूप से विधिवत पूजन किया, साथ ही होलिका माता पर सूत लपेटकर परिक्रमा की। उन्होंने घर-परिवार में सुख-शांति और खुशहाली की प्रार्थना की। 
विज्ञापन


होलिका दहन के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त सूर्यास्त के समय सायं 6:19 बजे से रात 8:43 बजे तक प्रदोष काल में था, ऐसे में ज्यादातर जगहों पर शुभ मुहूर्त में ही होलिका दहन किया गया। होलिका में जौ भूनने की प्राचीन परंपरा भी निभाई गई। इसके उपरांत लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। शाम होते-होते होलिका स्थलों पर मेले जैसा माहौल बन गया, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। गुलाल लगाकर एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


होली पर 122 साल बाद चंद्र ग्रहण का साया
ज्योतिषाचार्य शिवशरण पाराशर ने बताया कि होली पर 122 साल बाद चंद्र ग्रहण का साया है। होलिका दहन के बाद मंगलवार को लाल चांद का दिखना आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टि से एक बड़ी घटना है। बुधवार को रंगों का त्योहार मनाया जाना शुभ रहेगा। बुधवार का स्वामी बुध है, जो बुद्धि, वाणी और हास्य-विनोद का कारक है। ग्रहण के भारीपन के बाद होली लोगों के तनाव को दूर करेगी और रिश्तों में मिठास घोलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed