{"_id":"64016e9c9b78834bd6057c13","slug":"holi-2023-rangbharni-ekadashi-in-mathura-vrindavan-and-banke-bihari-mathura-holi-2023-03-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Holi 2023: रंगभरी एकादशी पर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में अबीर-गुलाल और रंग से सराबोर हुए भक्त, दिखा अद्भुत नजारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Holi 2023: रंगभरी एकादशी पर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में अबीर-गुलाल और रंग से सराबोर हुए भक्त, दिखा अद्भुत नजारा
Fri, 03 Mar 2023 09:20 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 03 Mar 2023 09:20 AM IST
सार
Rangbhari Ekadashi: अबीर-गुलाल और रंग के ऐसे गुबार उड़े कि मंदिर की आभा सतरंगी दिखने लगी। मंदिर प्रांगण रंग बिरंगे रंग-गुलाल और फूलों से अट गया।
विज्ञापन
होली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वृंदावन में रंगभरी एकादशी पर मंदिर की आभा देख लग रहा था कि मानो ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में रंगीले बादल छा गए हों। रंगीली होली पर जनजन के आराध्य ने जब भक्तों संग होली खेली तो लगा कि समय ठहर सा गया है। इस दिव्य होली के दर्शन के साक्षी बनने के लिए देश विदेश से लाखों भक्त प्रेमावेश से लवरेज होकर अपने आराध्य के दर्शन के लिए पहुंचे।
प्रेम से वशीभूत जनसमुद्र मंदिर प्रांगण में हिलोरे मार रहा था। मंदिर प्रांगण में ठाकुर बांके बिहारी के गगन भेदी जयकारे लाड़ले के प्रति भक्तों की अटूट श्रद्धा का बता रहे थे। अबीर-गुलाल और रंग के ऐसे गुबार उड़े कि मंदिर की आभा सतरंगी दिखने लगी। मंदिर प्रांगण रंग बिरंगे रंग-गुलाल और फूलों से अट गया। बांके बिहारी का प्रांगण इन रंगों से सराबोर हो गया।
शुक्रवार को रंगभरनी एकादशी पर जनजन के आराध्य ठाकुर बांके बिहारी महाराज ने भक्तों संग होली खेली। मंदिर के पट खुलते ही जन समुद्र मंदिर प्रांगण में जयकारे लगाते हुए प्रवेश कर गया। सेवायतों ने सर्व प्रथम रजत सिंहासन पर स्वेत पोशाक धारण कर विराजमान ठाकुरजी पर स्वर्ण पिचकारी से केसर निर्मित सुगंधित रंग को डालकर वृंदावन में परंपरागत होली का शुभारंभ किया।
विज्ञापन
इसके बाद मंदिर प्रांगण में अबीर-गुलाल और फूलों की होली की होली हुई इसका देश विदेश से आए श्रद्धालुओं ने आनंद लिया। टेसू के फूलों, केसर के रंगों से निर्मित प्राकृतिक रंगों को पिचकारियों में भरकर मंदिर सेवायतों के द्वारा श्रद्घालुओं पर वर्षा की गई। रंग और गुलाल में सराबोर हो भक्तों की खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा। प्रसादी रंग और गुलाल डलवाकर भक्त कृतार्थ हुए।
विज्ञापन
प्रेम से वशीभूत जनसमुद्र मंदिर प्रांगण में हिलोरे मार रहा था। मंदिर प्रांगण में ठाकुर बांके बिहारी के गगन भेदी जयकारे लाड़ले के प्रति भक्तों की अटूट श्रद्धा का बता रहे थे। अबीर-गुलाल और रंग के ऐसे गुबार उड़े कि मंदिर की आभा सतरंगी दिखने लगी। मंदिर प्रांगण रंग बिरंगे रंग-गुलाल और फूलों से अट गया। बांके बिहारी का प्रांगण इन रंगों से सराबोर हो गया।
विज्ञापन
शुक्रवार को रंगभरनी एकादशी पर जनजन के आराध्य ठाकुर बांके बिहारी महाराज ने भक्तों संग होली खेली। मंदिर के पट खुलते ही जन समुद्र मंदिर प्रांगण में जयकारे लगाते हुए प्रवेश कर गया। सेवायतों ने सर्व प्रथम रजत सिंहासन पर स्वेत पोशाक धारण कर विराजमान ठाकुरजी पर स्वर्ण पिचकारी से केसर निर्मित सुगंधित रंग को डालकर वृंदावन में परंपरागत होली का शुभारंभ किया।
विज्ञापन
इसके बाद मंदिर प्रांगण में अबीर-गुलाल और फूलों की होली की होली हुई इसका देश विदेश से आए श्रद्धालुओं ने आनंद लिया। टेसू के फूलों, केसर के रंगों से निर्मित प्राकृतिक रंगों को पिचकारियों में भरकर मंदिर सेवायतों के द्वारा श्रद्घालुओं पर वर्षा की गई। रंग और गुलाल में सराबोर हो भक्तों की खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा। प्रसादी रंग और गुलाल डलवाकर भक्त कृतार्थ हुए।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन