Agra Temperature: 45 से भी ऊपर जा रहा है तापमान, विशेषज्ञों से समझिए...दिल और दिमाग लिए ये कितना खतरनाक?
उत्तर प्रदेश के साथ ही आगरा भी भीषण गर्मी-लू की चपेट में है। पिछले कुछ समय से ताजनगरी में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। बुधवार को गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। इस स्तर की गर्मी को स्वास्थ्य विशेषज्ञ गंभीर समस्याकारक मानते हैं।
विस्तार
चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी लोगों के बर्दाश्त से बाहर हो रही है। पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जा रहा है। इससे मस्तिष्क के न्यूरोमीटर्स प्रभावित होने से चिड़चिड़ापन, जल्दी गुस्सा और आक्रामकता बढ़ रही है। इससे लोगों में आता माझी सटकली...की दिक्कत हो रही है। ये मराठी मुहावरा है, जिसका हिंदी में अर्थ मेरा दिमाग आपे से बाहर होना है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभागाध्यक्ष डॉ. विशाल सिन्हा ने बताया कि शारीरिक-मानसिक सेहत के लिए 22 से 30 डिग्री सेल्सियस आदर्श तापमान है। बीते 15 दिनों में औसतन पारा 45 डिग्री सेल्सियस रहा है। इसके चलते तनाव, प्यास, भूख, नींद, हार्मोंस को नियंत्रित करने वाला दिमाग का सूक्ष्म हिस्सा हाइपोथैलेमस गड़बड़ा गया है।
ये भी पढ़ें - चांदी कारखाना हादसा: एक फीट की सीढ़ियां, 10 फीट की दुकान...दो फ्लोर पर सात सिलिंडर; मंजर देख रोंगटे खड़े हो गए
इससे लोगों में मामूली बात पर झगड़ना, बहस करना, जल्दी गुस्सा होना, झुंझलाहट की दिक्कत हो रही है। भूख न लगना, नींद न आने के साथ ही यौन इच्छा भी प्रभावित मिल रही है। ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या बीते दिनों से डेढ़ गुना हो गई है। इनमें अधिकांश कामकाजी हैं।
ये भी पढ़ें - UP: पति के खातिर सब सहती रही...नौशाद निकला दरिंदा, जिस्म से किया ऐसा खिलवाड़; जीते जी मर गई वो
गर्मी से मानसिक रोगियों का मर्ज बढ़ा
मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के निदेशक डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि लंबे समय से सबसे पहले नींद प्रभावित होती है। ये दिमाग और शरीर के लिए औषधि की तरह है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति से लोगों के सामान्य व्यवहार तेजी से बदलता है। उत्तेजना, आक्रोश और उसके कार्य करने की क्षमता भी प्रभावित होती है। भीषण गर्मी से मानसिक रोगियों का मर्ज बढ़ जाता है। ओपीडी और हेल्पलाइन नंबर पर मरीजों की संख्या बढ़ी है। ऐसी दिक्कत पर 24 घंटे हेल्प लाइन नंबर 14416 पर फोन कर परामर्श पा सकते हैं। परेशानी ठीक नहीं होने पर ओपीडी में दिखा सकते हैं।
ये करें
- तेज धूप और गर्मी से बचें, शरीर को ढककर रखें।
- मानसिक विकार के मरीज दवाएं बंद न करें।
- कार्यस्थल पर गर्मी से बचाने के उत्तम उपाय हों।
- बाजार के कार्य सुबह और देर शाम को ही निपटाएं।
- शरीर को ठंडा रखें, शाम को भी नहा सकते हैं।