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पूरा शहर नहीं बन सकता है हेरिटेज सिटी : यूपी सरकार

Wed, 26 Sep 2018 03:21 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा Updated Wed, 26 Sep 2018 03:21 PM IST
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Heritage City cannot be a whole city: UP government
Taj Mahal

देश के इतिहास से जुड़ी कई बड़ी घटनाओं का गवाह रहे आगरा शहर को हेरिटेज सिटी घोषित करने की मुहिम को करारा झटका लगा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि पूरे आगरा को हेरिटेज सिटी नहीं बनाया जा सकता है। अगली सुनवाई 29 नवंबर को होगी।

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जस्टिस मदन बी. लोकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ को यूपी सरकार की तरफ से पेश एडिशनल सालिसिटर जनरल तुषार मेहता और एडिशनल एडवोकेट जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि सैद्धांतिक तौर पर पूरे आगरा को हेरिटेज सिटी घोषित करने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इससे कई तरह की जटिलताएं पैदा होंगी। 
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उन्होंने कहा कि पूरे आगरा को हेरिटेज सिटी घोषित करना कठिन है, लेकिन ताजमहल, फतेहपुर सीकरी और आगरा किले से जुड़े इसके कुछ हिस्से को हेरिटेज सिटी घोषित किया जा सकता है। इस पर पीठ ने राज्य सरकार को ताजमहल के आसपास का इलाका हेरिटेज जोन घोषित करने पर विचार करने का आदेश दिया।

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अहमदाबाद में भी पूरा शहर हेरिटेज नहीं

एएसजी मेहता ने पीठ को बताया कि सरकार ताजमहल के आसपास के इलाके को हेरिटेज बनाने के लिए अहमदाबाद स्थित सेंटर फॉर एन्वॉयरमेंट प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी का सहयोग ले रही है। एएजी भाटी ने पीठ को बताया कि अहमदाबाद में भी पूरे शहर के बजाय महज 5.5 किलोमीटर के दायरे वाले क्षेत्र को हेरिटेज घोषित किया गया है।

ताजमहल का विजन डाक्यूमेंट अब 15 नवंबर तक

एएजी भाटी ने राज्य सरकार की तरफ से पीठ को यह भी बताया कि ताजमहल संरक्षण का विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर रहे दिल्ली के स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर ने इसके लिए और समय मांगा है। यह समय जल संसाधन विशेषज्ञ, वायु प्रदूषण विशेषज्ञ व हाइड्रोलॉजिस्ट की राय को भी डॉक्यूमेंट तैयार करने में शामिल करने के लिए मांगा गया है। 

इस पर शीर्ष अदालत ने ताजमहल को प्रदूषण से बचाने के लिए विजन डॉक्यूमेंट पेश करने का समय 15 अक्तूबर से बढ़ाकर 15 नवंबर करते हुए तीनों क्षेत्रों से जुड़े राष्ट्रीय संस्थानों को एक-एक विशेषज्ञ का नाम विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने में सहयोग देने के लिए सुझाने का आदेश भी दिया।

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