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हेमनदास जैसवानी हत्याकांड: व्यापार बंद कर दिया, पर जारी रखी न्याय की लड़ाई; ऐसे दिलाई हत्यारों को सजा
Thu, 05 Jun 2025 09:54 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 05 Jun 2025 09:54 AM IST
सार
हेमनदास जैसवानी हत्याकांड में फैसला आने के बाद पीड़ित परिवार खुश है। उन्होंने बताया कि न्याय की लड़ाई के लिए व्यापार तक बंद कर दिया।
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हेमनदास जैसवानी हत्याकांड का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के राजामंडी बाजार में व्यापारियों का उत्पीड़न हो रहा था। रंगदारी मांगी जाती थी। इसका विरोध पिता (हेमनदास जैसवानी) ने किया। दबंगों के खिलाफ आवाज उठाने पर उन्हें जान गंवानी पड़ी। सुरक्षा न होने से पिता के हत्याकांड में वादी भाई सुशील की भी हत्या कर दी गई। हत्याकांड में फैसला आने पर परिवार खुश हुआ है। अब उन्हें भाई की हत्या की मजबूत पैरवी करनी है। यह कहना है कि मृतक हेमनदास के बेटे महेश जैसवानी का।
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महेश ने बताया कि पिता-भाई की हत्या के कारण घर बदलना पड़ा। सुरक्षा के लिए बुलेट प्रूफ जैकेट भी पहननी पड़ी। व्यापार भी बंद कर दिया। न्यायालय पर भरोसा था। 10 साल से लगातार पैरवी का नतीजा है कि न्याय मिला। अब सुकून मिला है। पिता को सिर्फ इसलिए मार दिया गया कि वह बाजार में अवैध वसूली का विरोध कर रहे थे। हालांकि इसके बाद भी वसूली नहीं रुकी।
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भाई सुशील को पैरवी करने की वजह से मारा गया। उसके बाद परिवार पूरी तरह टूट गया। बाजार में पुलिस बूथ के सामने वारदात हुई थी। महेश ने बताया कि उन्होंने न्यायालय पर भरोसा था। जयपुर हाउस में अपना घर बदल दिया। बाजार की दुकान रिश्तेदार को दे दी। जब भी कोर्ट में जाते तो बुलेट प्रूफ जैकेट पहनते थे। हर पल डर लगता था। लोहामंडी पुलिस की सुरक्षा में जाते थे। आज न्याय की जीत हुई है। वह इस लड़ाई को जारी रखेंगे। भाई की हत्या में भी सजा दिलाकर ही चेन से बैठेंगे। इसमें 12 जून को सुनवाई होनी है।