पीएचसी पर ताला, सीएचसी पर चिकित्सा प्रभारी भी गायब
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डिप्टी सीएमओ लगभग साढ़े बारह बजे सीएचसी जैतपुर पहुंचे। यहां मरीज इंतजार करते मिले, स्टाफ कम नजर आया। उपस्थिति रजिस्टर देखा तो इसमें अधीक्षक (प्रभारी) डॉ. विनय कुमार, डॉ. दुष्यंत नौ और दस जनवरी के हस्ताक्षर नहीं मिले। आंखों की नजर की जांच करने वाले ऑप्टोमेटरस्अि सुषमा पाठक और एचवी नन्हीं देवी आठ जनवरी से गैरहाजिर थी। बीएएम संजीव राठौर अनुपस्थित थे। इनके अवकाश पर रहने की भी पूर्व में कोई जानकारी नहीं थी।
टीकाकरण के आठ सत्र पिछड़े हुए थे, एएनएम टीकाकरण करने नहीं जा रही थी, जबकि मिशन इंद्रधनुष अभियान भी चल रहा है। 48 घंटों में नौ प्रसव हुए, छह प्रसूताएं भर्ती मिली। उनसे नाश्ता और इलाज के बारे में पूछा। 118 महिलाओं की ही नसंबी हुई थी, जबकि सापेक्ष के मुकाबले 70 फीसदी कम थी। 1194 प्रसूताओं में से 1097 को ही जननी सुरक्षा योजना का लाभ मिला। एआरवी भी नहीं थी, इनकी डिमांड भेजकर मंगाने को कहा है।
नवीन पीएचसी पर मिला ताला
करीब तीन बजे नौगवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर टीम निरीक्षण को पहुंची तो यहां ताला लगा हुआ था। यहां पर डॉ. नेम सिंह, फार्मासिस्ट देवेंद्र सिंह, एएनएम सुधा नरवरिया की तैनाती है। इनको नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मधुमेह-बीपी मापक मिले खराब
डिप्टी सीएमओ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नंदगवा पहुंचे यहां पर मरीजों का ब्लडप्रेशर मापक उपकरण काम नहीं कर रहा था। पता चला कि कई दिनों से खराब पड़ी है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रानी बाग में मधुमेह जांच करने की किट खराब थी। मरीजों के बिना जांच के ही टीकाकरण और इलाज हो रहा था।
नौगवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लगा मिला। जैतपुर कलां सीएचसी पर चिकित्सा प्रभारी तक गैरहाजिर थे। दो केंद्रों पर मधुमेह-ब्लडप्रेशर मापक उपकरण खराब मिले हैं। सभी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। सीएमओ को रिपोर्ट भेजी है।- डॉ. एसके राहुल, डिप्टी सीएमओ