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दिल में छेद लेकर जन्मे नवजात को अपनों ने कूड़े में फेंका, दो महीने बाद इलाज के दौरान मौत
Tue, 08 Jan 2019 04:33 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 08 Jan 2019 04:33 PM IST
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नवजात को पहले मां का प्यार नहीं मिला, अब उसने दुनिया भी छोड़ दी है। दिल में छेद होने की वजह नवजात बच्चे की आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
नवंबर 2018 में लोहामंडी स्थित बेसन बस्ती में एक नवजात बालक कूड़े के ढेर पर पड़ा मिला था। पुलिस ने उसे एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने उपचार के बाद बताया था कि बच्चे के दिल में छेद है।
कई दिन अस्पताल में भर्ती करने के बाद उसे राजकीय बाल गृह में भेजा गया। बाल गृह के कर्मचारी उसकी सेवा में लगे हुए थे। अधीक्षिका उर्मिला गुप्ता ने बताया कि बालक की तबीयत खराब रहती थी। इसलिए कई बार अस्पताल में उपचार कराया।
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दो दिन से उसकी तबीयत ज्यादा खराब थी। इस वजह से एसएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया था। सोमवार दोपहर 12 बजे उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। इस पर शव को पोस्टमार्टम गृह में रखवाया गया है।
बाल गृह में आठ बच्चे
बाल गृह में आठ नवजात बच्चे रह रहे हैं। इनमें एक बच्ची अस्पताल में भर्ती है। उसकी सेवा में दो कर्मचारी लगे हैं। इसके अलावा भी अन्य बच्चों को संभालने के लिए आया को लगाया गया है। यह बच्चे अलग-अलग स्थानों पर मिले थे।
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नवंबर 2018 में लोहामंडी स्थित बेसन बस्ती में एक नवजात बालक कूड़े के ढेर पर पड़ा मिला था। पुलिस ने उसे एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने उपचार के बाद बताया था कि बच्चे के दिल में छेद है।
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कई दिन अस्पताल में भर्ती करने के बाद उसे राजकीय बाल गृह में भेजा गया। बाल गृह के कर्मचारी उसकी सेवा में लगे हुए थे। अधीक्षिका उर्मिला गुप्ता ने बताया कि बालक की तबीयत खराब रहती थी। इसलिए कई बार अस्पताल में उपचार कराया।
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दो दिन से उसकी तबीयत ज्यादा खराब थी। इस वजह से एसएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया था। सोमवार दोपहर 12 बजे उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। इस पर शव को पोस्टमार्टम गृह में रखवाया गया है।
बाल गृह में आठ बच्चे
बाल गृह में आठ नवजात बच्चे रह रहे हैं। इनमें एक बच्ची अस्पताल में भर्ती है। उसकी सेवा में दो कर्मचारी लगे हैं। इसके अलावा भी अन्य बच्चों को संभालने के लिए आया को लगाया गया है। यह बच्चे अलग-अलग स्थानों पर मिले थे।