#LadengeCoronaSe: दूसरों का जीवन बचाने को अपनों से दूरी, बिना छुट्टी लिए काम कर रहे 'कोरोना योद्धा'
कोरोना महामारी के बीच जहां लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। वहीं डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी जान की प्रवाह किए बिना दूसरों के जीवन को बचाने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं।
विस्तार
मैनपुरी के जिला अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज पहुंच रहे हैं। संक्रमित और गैर संक्रमितों का जीवन बचाने के लिए यहां का स्टाफ हर संभव प्रयास कर रहा है। ऐसे कोरोना योद्धाओं से जब बात की तो वे किसी भी प्रकार से भयभीत नहीं दिखे। पूरे विश्वास के साथ वे लोगों को उपचार देने में सहयोग कर रहे हैं। कोरोना योद्धाओं का कहना है कि दूसरों का जीवन बचाने के लिए अपनों से कुछ दिन के लिए दूरियां बना ली गई हैं।
घर के एक कमरे को बनाया आशियाना
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पिछले दो महीने से लगातार वरिष्ठ फार्मासिस्ट के रूप में जितेंद्र यादव सेवाएं दे रहे हैं। उनका कहना है कि कोरोना महामारी के नियंत्रण में स्वास्थ्य विभाग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को उपचार के साथ उन्हें भर्ती कराकर सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। घर वालों से दूरियां बना ली गई है। किसी को यदि कोई दिक्कत होती है तो फोन से ही सलाह दी जाती है। घर पर एक सुरक्षित कक्ष में रहकर घर वालों को भी कोरोना से बचाव का संदेश दे रहे हैं।
विपरीत परिस्थितियों में कार्य करना गर्व की बात
जिला अस्पताल में स्टाफ नर्स के रूप में तैनात करिश्मा इमरजेंसी में मरीजों को उपचार दे रही हैं। करिश्मा का कहना है कि कोरोना महामारी तेजी से बढ़ रही है। हर कोई भयभीत है। लेकिन हमें अपने पर गर्व है कि हम इन परिस्थितियों के बीच में भी यहां आने वाले संक्रमित और गैर संक्रमित मरीजों के उपचार दे रही हैं। घर में रहते हुए परिजनों से दूरियां बनाई हैं ताकि परिवार को सुरक्षित रखने के साथ दूसरों को बेहतर उपचार दिया जा सके।
अस्पताल में आने वालों की नहीं टूटने देंगे उम्मीद
जिला अस्पताल में स्टाफ नर्स के रूप में इमरजेंसी सेवा में जुगल किशोर पांडेय लगातार जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनका कहना है कि यहां आने वाले मरीजों को हमसे बेहतर उपचार की उम्मीद है। हमें मालूम है कि कोरोना संक्रमण खतरनाक है। लेकिन हम यहां आने वालों की उम्मीद नहीं टूटने देंगे। मरीजों को समय से उपचार देकर उनकी जान बचाना ही हमारा उद्देश्य है। इसी उद्देश्य के खातिर घर वालों से दूरियां बना ली गई हैं। घर में रहते हुए अपनों से दूर रहना पड़ रहा है।
मरीज की जिंदगी सुरक्षित होने पर मन को मिलती है शांति
स्टाफ नर्स सोनू शाक्य जिला अस्पताल की इमरजेंसी में दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। सोनू शाक्य जहां यहां आने वाले मरीजों को उपचार देते हैं। वहीं जरूरत पड़ने पर उनकी कोरोना जांच में भी सहयोग करते हैं। सोनू का कहना है कि जब किसी मरीज की जिंदगी सुरक्षित हो जाती है तो मन को शांति मिलती है। महामारी के बीच घर वालों की चिंता तो सताती है लेकिन उससे पहले मरीजों को उपचार देना मेरा कर्तव्य है। घर वालों को सुरक्षित रखने के लिए उनसे दूरियां बना क र रखता हूं।