मथुरा की अदालत में पीएफआई के चारों सदस्यों की पेशी, केरल से नहीं आया फंडिंग का आरोपी
- केरल जेल में बंद आरोपी को मथुरा कोर्ट में बी-वारंट पर करना था पेश
- अदालत ने 19 फरवरी की लगाई तारीख
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मथुरा जिले में पांच अक्तूबर को यमुना एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा से थाना मांट पुलिस ने खुफिया एजेंसियों की सूचना पर आलम, सिद्दीक, अतीकुर्रहमान और मसूद अहमद गिरफ्तार किया था। ये चारों आरोपी कार से हाथरस जा रहे थे। जांच के बाद पुलिस ने दावा किया था कि आरोपियों की कार से भड़काऊ साहित्य बरामद हुआ था। इनके संबंध पीएफआई और सीएफआई से बताए गए।
चारों पर हिंसा भड़काने की साजिश रचने का आरोप
चारों आरोपियों पर विदेशी फंडिंग से हिंसा भड़काने की साजिश रचने का आरोप है। चारों मथुरा की जेल में बंद हैं। विदेशी फंडिंग के मामले में इनके साथी रउफ को केरल में गिरफ्तार किया गया था। वह केरल की अरनाकुलम जेल में बंद हैं। सोमवार को उसकी पेशी मथुरा के एडीजे प्रथम अनिल कुमार पांडे की अदालत में होनी थी, लेकिन सीबीआई उसे यहां नहीं ला सकी।
डीजीसी शिवराम तरकर ने बताया कि जेल में बंद चारों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। जबकि केरल की अरनाकुलम जेल में बंद उनका एक साथी सोमवार को भी अदालत नहीं पहुंच सका। उसे बी वारंट पर सीबीआई द्वारा यहां लाना था। इस संबंध में अदालत ने पुन: सुनवाई की तारीख 16 फरवरी तय की है।
यह है हाथरस कांड
हाथरस जिले के चंदपा इलाके में 14 सितंबर 2020 को अनुसूचित जाति की युवती से सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। आरोपियों ने उसके साथ हैवानियत की हद पार कर दी थी। गंभीर रूप से घायल पीड़िता को इलाज के लिए दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 29 सितंबर को उसकी मौत हो गई थी। हाथरस कांड के विरोध में देशभर में प्रदर्शन हुआ था।