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हरियाली तीजः स्वर्ण-रजत हिंडोले में भक्ति की डोर से झूला झूलीं राधारानी, भक्त नहीं कर पाए दर्शन
Fri, 24 Jul 2020 12:20 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 24 Jul 2020 12:20 AM IST
सार
- स्वर्ण हिंडोले में विराजमान हुईं राधारानी
- श्रीजी के दर्शनों को उमड़े श्रद्धालु पुलिस ने किया वापस
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बरसाना स्थित राधारानी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
झूलन चलो हिंडोला ब्रज लाड़ली को...! श्याम प्यारे संग झूला झूल रही राधा प्यारी... कुछ ऐसा ही भाव बरसाना स्थित राधा रानी मंदिर में गुरुवार को देखने को मिला। जब हरियाली तीज के अवसर पर वृषभानु नंदिनी अपने प्यारे नंदलाल के साथ हरे पोशाक धारण कर स्वर्ण हिंडोले में विराजमान होकर कृपा का सागर बरसा रही थीं। मंदिर को विशेष प्रकार के हरे परिधानों से सजाया गया था। कोरोना महामारी के कारण श्रद्धालु अपनी आराध्य की झलक नहीं देख पाए। पुलिस ने उन्हें लौटा दिया।
सुबह आठ बजे मंदिर के सेवायतों द्वारा राधाकृष्ण के श्रीविग्रह को गर्भग्रह से बाहर जगमोहन में स्थित सोने-चांदी से जड़ित प्राचीन स्वर्ण हिंडोले में विराजमान किया गया। हरे वस्त्रों से सुसज्जित मनमोहनी श्रृंगार कर प्रिया-प्रियतम को हिंडोले में विराजमान कराया गया। इस दौरान सेवायतों ने श्रीजी को सतरंगी छप्पनभोग लगाया।
लाड़ली जी का डोला सादगी से निकला
हरियाली तीज की संध्या पर ब्रजनंदिनी की शोभायात्रा सादगी से निकाली गई। शोभायात्रा को मंदिर के गर्भगृह से नीचे परिसर में बनी संगरमरमर की सफेद छतरी में लाया गया। फूलों से सजे डोले में विराजमान प्रिया प्रियतम के डोले को कंधों पर उठा कर गोस्वामी समाज के युवक राधा रानी के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे।
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सुबह आठ बजे मंदिर के सेवायतों द्वारा राधाकृष्ण के श्रीविग्रह को गर्भग्रह से बाहर जगमोहन में स्थित सोने-चांदी से जड़ित प्राचीन स्वर्ण हिंडोले में विराजमान किया गया। हरे वस्त्रों से सुसज्जित मनमोहनी श्रृंगार कर प्रिया-प्रियतम को हिंडोले में विराजमान कराया गया। इस दौरान सेवायतों ने श्रीजी को सतरंगी छप्पनभोग लगाया।
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लाड़ली जी का डोला सादगी से निकला
हरियाली तीज की संध्या पर ब्रजनंदिनी की शोभायात्रा सादगी से निकाली गई। शोभायात्रा को मंदिर के गर्भगृह से नीचे परिसर में बनी संगरमरमर की सफेद छतरी में लाया गया। फूलों से सजे डोले में विराजमान प्रिया प्रियतम के डोले को कंधों पर उठा कर गोस्वामी समाज के युवक राधा रानी के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे।
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संगमरमर की सफेद छतरी से बरसी कृपा
डोले के साथ चल रहे बुजुर्ग गोस्वामी वैदिक मंत्रोच्चारण कर रहे थे। राधारानी की शोभायात्रा सफेद छतरी में पहुंची। राधाकृष्ण के श्रीविग्रह को सफेद छतरी में विराजमान किया। सेवायतों द्वारा राधारानी को पुआ का भोग लगा कर प्रसाद वितरण किया। गोस्वामी सामाज द्वारा राधारानी के समीप सावन के मल्हारें गाईं। एक कन्या द्वारा राधा रानी का आरता किया गया। इसके बाद डोला में बैठा कर राधाकृष्ण के श्रीविग्रह को वापझ्स गर्भगृह में ले जाया गया।
हरियाली तीज की छटा पूरे ब्रज में बिखरी। वृंदावन के श्री वैष्णव संप्रदाय के प्रमुख दिव्यदेश श्री रंगनाथ मंदिर में दस दिवसीय गोदम्मा की अवतरण उत्सव के बाद हरियाली तीज पर ठाकुर गोदारंगमन्नार भगवान रजत निर्मित झूले पर विराजमान हुए।
हरियाली तीज की छटा पूरे ब्रज में बिखरी। वृंदावन के श्री वैष्णव संप्रदाय के प्रमुख दिव्यदेश श्री रंगनाथ मंदिर में दस दिवसीय गोदम्मा की अवतरण उत्सव के बाद हरियाली तीज पर ठाकुर गोदारंगमन्नार भगवान रजत निर्मित झूले पर विराजमान हुए।