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Agra News: आधी आबादी को नहीं मिल रहा पूरा रोजगार

Fri, 20 Jun 2025 11:37 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Fri, 20 Jun 2025 11:37 PM IST
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Half the population is not getting full employment
कासगंज में मनरेगा योजना में काम करती महिलाएं।
कासगंज। सरकार महिलाओं की दशा सुधारने के लिए प्रयास कर रही है, लेकिन जिले में मनरेगा योजना में उन्हें पर्याप्त रोजगार नहीं मिल रहा है। प्रधान व सचिव की मनमानी से ढाई माह में महिलाओं को महज 23 प्रतिशत ही मनरेगा में काम मिला है। जबकि महिलाओं को मानक के हिसाब से 33 प्रतिशत रोजगार देने का प्रावधान है। जिले की 423 ग्राम पंचायतों में करीब 1,14,301 जॉब कार्ड धारक परिवार है। इनमें 24,267 सक्रिय महिला श्रमिक है। सरकार गांव में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मनरेगा योजना से तालाब की खुदाई, चकमार्ग, खेत समतलीकरण सहित अन्य कार्य ग्राम पंचायत के माध्यम से कराती है। ग्राम पंचायतों में 5398 महिला जॉब कार्ड धारकों को ढाई महीने में 61524 दिन ही मनरेगा योजना में काम मिला है। इस हिसाब से एक महिला जॉब कार्ड धारक को महीने में औसतन केवल 12 दिन का काम मिला है। जबकि 23925 पुरुष जॉबकार्ड धारकों को 2,04,984 दिन गांव में काम मिला है। सिढ़पुरा ब्लॉक में सबसे कम 2284 दिन मनरेगा में महिलाओं को काम मिला, वहीं सोरोंजी ब्लॉक क्षेत्र में सबसे अधिक 4376 दिन महिलाओं को इस योजना में काम दिया गया। ग्राम पंचायात महिला मजदूरों को पर्याप्त रोजगार उपलब्ध कराने में रुचि नहीं ले रहीं है। गांव में मनरेगा में रोजगार न मिलने पर महिलाओं को अन्य स्थानों पर मजदूरी करने के लिए जाना पड़ता है। वहीं मनरेगा योजना में काम करने के बाद समय पर भुगतान नहीं होने से उन्हें काफी दिक्कत होती है। इससे उन्हें परिवार का पालन-पोषण करने में मुश्किल का सामना करना पड़ता है। महिला श्रमिकों की बात:
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-गांव में मनरेगा योजना में कई बार शिकायत करने पर काम दिया जाता है। प्रधान व सचिव अपने चहेतों को काम देते हैं। समय पर काम नहीं मिलने पर खेतों में मजदूरी का काम करना पड़ता है। -सर्वेश ,मनरेगा मजदूर।
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-मेरे पति का देहांत करीब 17 वर्ष पूर्व हो गया। गांव में मनरेगा काम कम मिलता है। परिवार का पालन-पोषण करने के लिए अन्य जगह मजदूरी कर गुजारा करना पड़ता है। -रतन श्री, मनरेगा मजदूर।
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वर्जन :
जिले में महिला मजदूरों को मनरेगा योजना के तहत गांव में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए जाते हैं। जो महिला रोजगार मांगती उन्हें रोजगार दिया जाता है। -विकल कुमार,परियोजना निदेशक मनरेगा कासगंज
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