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Guru Margi 2021: देवगुरु बृहस्पति आज से होंगे मार्गी, जानिए राशियों पर क्या पड़ेगा प्रभाव

अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 18 Oct 2021 12:23 AM IST

सार

ज्योतिर्विज्ञान के अनुसार जब-जब देवगुरु बृहस्पति वक्री, अस्त व अतिचारी अवस्था में होते हैं, देश-दुनिया के साथ जातकों पर शुभाशुभ प्रभाव डालते हैं।
बृहस्पति ग्रह
बृहस्पति ग्रह - फोटो : Istock
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विस्तार

देवगुरु बृहस्पति आज (सोमवार) से मकर राशि में सीधी चाल (मार्गी) से चलेंगे। बृहस्पति को सबसे महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है। ज्योतिषाचार्य रामचंद्र शर्मा वैदिक के अनुसार गुरु पति सुख, विवाह धर्म व अध्यात्म, संतान, विद्या, विवेक बुद्धि, स्वर्ण आदि का कारक ग्रह माना जाता है। गुरु शुभता के प्रतीक है। गुरु कर्क राशि में उच्च के व मकर में नीच राशि के होते हैं। धनु व मीन राशि गुरु की स्वयं की है।



इससे पूर्व 11 अक्तूबर को न्याय के देवता शनि भी मकर में मार्गी हुए थे। आज गुरु शनि के साथ युति सम्बन्ध बनाएंगे। गुरु के अपनी नीच राशि मकर में मार्गी होने से नीचभंग योग भी बनेगा। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि देवगुरु बृहस्पति 20 नवंबर 2021 तक मकर राशि में रहेंगे। 21 नवंबर से 13 अप्रैल 2022 से कुंभ राशि मे प्रवेश करेंगे।   


ज्योतिर्विज्ञान के अनुसार जब-जब देवगुरु बृहस्पति वक्री, अस्त व अतिचारी अवस्था में होते हैं, देश-दुनिया के साथ जातकों पर शुभाशुभ प्रभाव डालते हैं। 20 जून 2021 से गुरु वक्री अवस्था में रहे। अब आगे नौ जनवरी 2022 से गुरु दोबारा अतिचारी होंगे। गुरु के अति चारी होने से अराजकता व मंहगाई का प्रकोप बढ़ेगा। सरकार को हिंसा, उपद्रव व आंदोलन का सामना करना पड़ेगा। 

राशियों पर क्या पड़ेगा असर 
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि आज से 63 दिनों के लिए गुरु की शुभता का लाभ विभिन्न राशियों के जातकों को अलग अलग प्राप्त होगा। वृषभ, कर्क, कन्या, धनु व मीन राशि के लिए गुरु की सीधी चल शुभता प्रदान कर फलदायी रहेंगी। मेष,सिंह, वृश्चिक व मकर राशि के जातकों को  लिए मिश्रित फलदायी रहेगी। 

शेष तुला, मिथुन व कुम्भ राशि के जातकों के लिए गुरु का अपनी नीच राशि मकर प्रवेश अशुभ फलदायी रहेगा। जिन जातकों के लिए यह अशुभ रहेगा वह गुरु के मंत्र का जप व पीली वस्तुओं का दान करें। विष्णु सहस्रनाम का पाठ, शिव जी के पंचाक्षरी व षडाक्षरी मंत्र का जप करें।
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