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फर्म के पते फर्जी...भाजपा नेता से पूछताछ करेंगे जीएसटी अधिकारी, कांग्रेस ने किया प्रदर्शन, पढ़िये पूरा मामला
Mon, 31 Aug 2020 07:57 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 31 Aug 2020 07:57 PM IST
सार
तीन दिन पहले डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) इन फर्म के पते तसदीक करने के लिए पहुंचीं। ये पते कमला नगर और सुल्तानगंज की पुलिया के थे। टीम में शामिल निरीक्षक ने बताया कि दोनों जगह फर्म नहीं मिली।
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- फोटो : iStock
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विस्तार
भाजपा महानगर अध्यक्ष एवं जूता कारोबारी भानु महाजन की दो फर्म के पते जीएसटी अधिकारियों की जांच में फर्जी निकले हैं। इस पर भानू महाजन से पूछताछ की जाएगी।
बोगस फर्म चलाने के मेरठ से जेल भेजे गए आगरा के आदित्य जैन के मामले की जांच भानु महाजन तक पहुंची है। आदित्य जैन के पास मिले दो बिल भानु महाजन की फर्मों के हैं। तीन दिन पहले डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) इन फर्म के पते तसदीक करने के लिए पहुंचीं। ये पते कमला नगर और सुल्तानगंज की पुलिया के थे। टीम में शामिल निरीक्षक ने बताया कि दोनों जगह फर्म नहीं मिली। इस पर भानु महाजन को पूछताछ के लिए बुलाया गया लेकिन वे नहीं आए। उनसे जल्द ही पूछताछ की जाएगी। अब इस मामले की जांच गाजियाबाद की टीम कर रही है।
आदित्य जैन को सेंट्रल जीएसटी की आगरा टीम ने 20 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े में गिरफ्तार किया था। उसने भानु की फर्म के नाम के भी बिल काट रखे थे।
जांच चल रही है, सहयोग करूंगा- भानु
भाजपा महानगर अध्यक्ष भानु महाजन का कहना है कि उनकी फर्म के मामले में जीएसटी विभाग में जांच चल रही है। उन्हें इसकी जानकारी है। वह अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखेंगे। जांच में सहयोग करेंगे।
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बोगस फर्म चलाने के मेरठ से जेल भेजे गए आगरा के आदित्य जैन के मामले की जांच भानु महाजन तक पहुंची है। आदित्य जैन के पास मिले दो बिल भानु महाजन की फर्मों के हैं। तीन दिन पहले डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) इन फर्म के पते तसदीक करने के लिए पहुंचीं। ये पते कमला नगर और सुल्तानगंज की पुलिया के थे। टीम में शामिल निरीक्षक ने बताया कि दोनों जगह फर्म नहीं मिली। इस पर भानु महाजन को पूछताछ के लिए बुलाया गया लेकिन वे नहीं आए। उनसे जल्द ही पूछताछ की जाएगी। अब इस मामले की जांच गाजियाबाद की टीम कर रही है।
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आदित्य जैन को सेंट्रल जीएसटी की आगरा टीम ने 20 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े में गिरफ्तार किया था। उसने भानु की फर्म के नाम के भी बिल काट रखे थे।
जांच चल रही है, सहयोग करूंगा- भानु
भाजपा महानगर अध्यक्ष भानु महाजन का कहना है कि उनकी फर्म के मामले में जीएसटी विभाग में जांच चल रही है। उन्हें इसकी जानकारी है। वह अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखेंगे। जांच में सहयोग करेंगे।
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कांग्रेसियों ने भाजपा के महानगर अध्यक्ष के खिलाफ किया प्रदर्शन
शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलक्ट्रेट पर भाजपा के महानगर अध्यक्ष भानु महाजन के विरुद्ध जीएसटी घोटाले में संलिप्तता का आरोप लगाकर विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान उनकी गिरफ्तारी की मांग उठाई।
धरनास्थल पर प्रदेश सचिव मुकेश धनगर ने आरोप लगाया कि सत्ता की आड़ में भाजपा नेता सरकार को चूना लगाने का काम कर रहे हैं। फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी की चोरी के मामले में भाजपा के महानगर अध्यक्ष का नाम सामने आया है। वह परिवार समेत आगरा से चले गए। राजनीतिक शुचिता की बात करने वाली पार्टी अब खामोश क्यों हैं। इसी तरह मेरठ में भाजपा नेता ने एनसीईआरटी की किताबों का फर्जीवाड़ा किया।
अब भाजपाइयों की करनी जनता के सामने उजागर हो रही है। मुबारिक हुसैन ने कहा कि भाजपा के लोग देश को आर्थिक रूप से खोखला करने में लगे हुए हैं। कांग्रेसियों ने भाजपा नेता की गिरफ्तारी की मांग की। इस मौके पर रमाकांत सारस्वत, पूर्व पार्षद अशोक शर्मा, आईडी श्रीवास्तव, नंदलाल भारती, विमल नारायण, याकूब शेख, अदनान कुरैशी, विनोद जरारी, कपिल गौतम, अनुज शर्मा, अजय वाल्मीकि, अश्वनी कुमार, अरुण शर्मा आदि मौजूद रहे।
शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलक्ट्रेट पर भाजपा के महानगर अध्यक्ष भानु महाजन के विरुद्ध जीएसटी घोटाले में संलिप्तता का आरोप लगाकर विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान उनकी गिरफ्तारी की मांग उठाई।
धरनास्थल पर प्रदेश सचिव मुकेश धनगर ने आरोप लगाया कि सत्ता की आड़ में भाजपा नेता सरकार को चूना लगाने का काम कर रहे हैं। फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी की चोरी के मामले में भाजपा के महानगर अध्यक्ष का नाम सामने आया है। वह परिवार समेत आगरा से चले गए। राजनीतिक शुचिता की बात करने वाली पार्टी अब खामोश क्यों हैं। इसी तरह मेरठ में भाजपा नेता ने एनसीईआरटी की किताबों का फर्जीवाड़ा किया।
अब भाजपाइयों की करनी जनता के सामने उजागर हो रही है। मुबारिक हुसैन ने कहा कि भाजपा के लोग देश को आर्थिक रूप से खोखला करने में लगे हुए हैं। कांग्रेसियों ने भाजपा नेता की गिरफ्तारी की मांग की। इस मौके पर रमाकांत सारस्वत, पूर्व पार्षद अशोक शर्मा, आईडी श्रीवास्तव, नंदलाल भारती, विमल नारायण, याकूब शेख, अदनान कुरैशी, विनोद जरारी, कपिल गौतम, अनुज शर्मा, अजय वाल्मीकि, अश्वनी कुमार, अरुण शर्मा आदि मौजूद रहे।
घपला : 35 अलग-अलग फर्में पर और मोबाइल-ईमेल नंबर एक
बोगस फर्मों का जाल लंबा फैला हुआ है। इसका अंदाजा यहीं से लगाया जा सकता है कि 35 अलग-अलग बोगस फर्मों पर एक ही मोबाइल नंबर और ई मेल आईडी मिली हैं। जीएसटी विभाग द्वारा की गई जांच में यह तथ्य सामने आए हैं।
सेंट्रल जीएसटी विभाग की एंटी इवेजन टीम के उप आयुक्त सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि बोगस फर्मों के मामलों में विभाग जांच कर रहा है। एक मामले में 35 अलग-अलग फर्मों में एक ही मोबाइल नंबर और ई मेल आईडी अंकित है। इतना ही नहीं कुछ मामलों में ऑटो वालों के पैन का भी दुरुपयोग किया गया है। एक पैन नंबर पर कई फर्में रजिस्टर्ड मिलीं। भौतिक सत्यापन में कई फर्में अस्तित्व में नहीं मिली हैं।
एक ही पैन पर चल रहीं हैं कई फर्में, बोगस फर्मों की जांच में जीएसटी विभाग को मिल रहे नए-नए तथ्य
पहले के जो मामले खुले हैं, उनमें भी एक व्यक्ति ने अपने और रिश्तेदारों के नाम से कई फर्में पंजीकृत कराईं। पिछले एक वर्ष के अंतराल में आगरा से तीन गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। फर्जी फर्म के ज्यादातर मामलों में काम स्क्रैप, मेटल आदि के दिखाए गए हैं।
पैन से मिला रहे तार
राज्य जीएसटी विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड प्रथम राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि फर्जी फर्म बनाने के मामले में स्थायी खाता संख्या (पैन) का दुरुपयोग काफी बढ़ा है। इसके आधार पर फर्म पंजीकृत हो जाती हैं। इस समय जांच में देखा जा रहा कि एक पैन नंबर पर कितने पंजीकरण हुए हैं।
बोगस फर्मों का जाल लंबा फैला हुआ है। इसका अंदाजा यहीं से लगाया जा सकता है कि 35 अलग-अलग बोगस फर्मों पर एक ही मोबाइल नंबर और ई मेल आईडी मिली हैं। जीएसटी विभाग द्वारा की गई जांच में यह तथ्य सामने आए हैं।
सेंट्रल जीएसटी विभाग की एंटी इवेजन टीम के उप आयुक्त सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि बोगस फर्मों के मामलों में विभाग जांच कर रहा है। एक मामले में 35 अलग-अलग फर्मों में एक ही मोबाइल नंबर और ई मेल आईडी अंकित है। इतना ही नहीं कुछ मामलों में ऑटो वालों के पैन का भी दुरुपयोग किया गया है। एक पैन नंबर पर कई फर्में रजिस्टर्ड मिलीं। भौतिक सत्यापन में कई फर्में अस्तित्व में नहीं मिली हैं।
एक ही पैन पर चल रहीं हैं कई फर्में, बोगस फर्मों की जांच में जीएसटी विभाग को मिल रहे नए-नए तथ्य
पहले के जो मामले खुले हैं, उनमें भी एक व्यक्ति ने अपने और रिश्तेदारों के नाम से कई फर्में पंजीकृत कराईं। पिछले एक वर्ष के अंतराल में आगरा से तीन गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। फर्जी फर्म के ज्यादातर मामलों में काम स्क्रैप, मेटल आदि के दिखाए गए हैं।
पैन से मिला रहे तार
राज्य जीएसटी विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड प्रथम राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि फर्जी फर्म बनाने के मामले में स्थायी खाता संख्या (पैन) का दुरुपयोग काफी बढ़ा है। इसके आधार पर फर्म पंजीकृत हो जाती हैं। इस समय जांच में देखा जा रहा कि एक पैन नंबर पर कितने पंजीकरण हुए हैं।