मथुरा: वेटरनरी यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं राज्यपाल, छात्रों को दिए सफलता के मूलमंत्र
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल सोमवार को मथुरा दौरे पर हैं। वह यहां पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय (वेटरनरी यूनिवर्सिटी) एवं गो अनुसंधान संस्थान के 11वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं। उन्होंने दीक्षांत समारोह में बीवीएससी के कुल 64 छात्र-छात्राओं को दीक्षा प्रदान की।
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मथुरा के पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय (वेटरनरी यूनिवर्सिटी) में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्रों को सफलता के मूलमंत्र दिए। उन्होंने कहा कि यदि जीवन में सफलता चाहिए तो अपने जीवन और कार्यों में स्वयं को इसके योग्य सिद्ध करें। राज्यपाल सोमवार को वेटरनरी यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में भाग लेने के लिए आई थीं।
उन्होंने कहा कि कृषि और पशुधन एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। कृषि के साथ-साथ पशुधन को बढ़ावा देने के लिए वेटरनरी विश्वविद्यालय को काम करना चाहिए। दुग्ध उत्पादन को बढ़वा देना चाहिए। आज स्थिति ये है कि दुध डेयरी पर जा रहा है। उत्तर प्रदेश, गुजरात, बिहार समेत कइ राज्यों में यही स्थिति है। इसका कारण ये है कि लोग अपना बैंक बैलेंस बढ़ाना चाहते हैं। मगर बच्चों और माताओं को दूध नहीं दे रहे हैं। इसलिए कुपोषण बढ़ रहा है।
बच्चे हो रहे कुपोषण का शिकार
राज्यपाल ने कहा कि कुपोषित बच्चे आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। कहीं 30 फीसद तो कहीं 49 फीसद बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए धरातल पर कार्य करना होगा। राज्यपाल ने सिक्किम राज्य का जिक्र करते हुए कहा कि पूरा सिक्किम जैविक उत्पादन कर रहा है। प्रधानमंत्री भी चाहते हैं कि देश में जैविक उत्पादन को बढ़ावा मिले और जब जैविक उत्पादन होगा तो बीमारियों से भी छुटकारा मिलेगा। इन सब के लिए कृषि पशु पालन विभाग, शिक्षा विभाग सभी को मिलकर काम करना होगा।
छात्र-छात्राओं को सिखाए संस्कार
दीक्षांत समारोह में उन्होंने संस्कारों पर भी बल दिया। छात्रों से कहा कि वह अपने माता- पिता को न भूलें। गुरुओं को सम्मान करें। मातृभाषा को लेकर उन्होंने कहा कि जो शिक्षा दी जाए तो मातृभाषा होगी। उन्होंने अपने संबोधन में इंदौर के गोबर प्लांट का भी जिक्र किया। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने छात्रों को मेडल प्रदान किये। इसके अलावा राज्यपाल ने कार्यक्रम में आये परिषदीय विद्यालयों के छात्रों को पुस्तक और स्वल्पाहार वितरित किया।
64 छात्र-छात्राओं दी गई दीक्षा
राज्यपाल ने दीक्षांत समारोह में बीवीएससी के कुल 64 छात्र-छात्राओं (44 छात्र और 20 छात्राओं) को दीक्षा दी। एमवीएससी के 22 छात्र और 8 छात्राओं को स्नाकोत्तर उपाधि, 8 छात्रों और 1 छात्रा को डॉक्टरेट उपाधि प्रदान की गई। इसके अलावा बीवीएससी के छात्रों को उनके योग्यता अनुसार गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल से सम्मानित किया गया।
कॉलेज ऑफ बायोटेक्नोलॉजी में बीएससी के कुल 24 छात्र-छात्राओं (12 छात्र और 12 छात्राओं) को कुलाधिपति दीक्षा प्रदान की गई। इसके अलावा 1 छात्र और 2 छात्राओं को डाक्टरेट की उपाधि से नवाजा गया। दीक्षांत समारोह में कुल 130 छात्र-छात्राओं (87 छात्र और 43 छात्राओं) को उपाधि प्रदान की गई। उपाधि और मेडल के अलावा दीक्षांत समारोह में छात्र-छात्राओं को विभिन्न पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जाएगा गया।
बताया जा रहा है कि दीक्षांत समारोह के बाद राज्यपाल मथुरा और वृंदावन के मंदिरों में दर्शन करने भी जा सकती हैं। हालांकि अभी उनके इस कार्यक्रम की आधिकारिक सूचना नहीं है।