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UP: सोना-चांदी की कीमतों ने तोड़ा रिकॉर्ड, दुल्हनों के गहने हुए हल्के; गड़बड़ा गया शादी का बजट
Sat, 17 Jan 2026 12:30 PM IST
आगरा ब्यूरो
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 17 Jan 2026 12:30 PM IST
सार
सोने की बढ़ती कीमतों का असर गहनों की खरीद पर पड़ रहा है। दुल्हनों के गहने भी हल्के हो गए हैं।
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सोना-चांदी
- फोटो : PTI
विस्तार
सोने-चांदी की रिकाॅर्ड कीमतों ने शादी वाले घरों का बजट बिगाड़ दिया है। बढ़ती कीमतों के चलते दुल्हनों के गहने भी हल्के हो गए हैं। शादी में चांदी के बर्तन, सिक्के समेत अन्य सामान की खरीद में भी कमी आई है। लोग अब कम वजनी पायल ही खरीद रहे हैं। बढ़ती महंगाई का असर सराफा कारोबार पर भी पड़ रहा है।
सराफा स्वर्णकार व्यावसायिक कमेटी के अध्यक्ष धीरज वर्मा ने बताया कि सोने-चांदी की आसमान छूती कीमतों से शादी वाले घरों के लोग परेशान हैं। पहले छह चूड़ियां, बाजूबंद, करधनी, हथफूल, रानीहार, झुमके, 5-8 अंगूठी, चेन समेत अन्य आइटम रहते थे। अब चार चूड़ी, दो-तीन अंगूठी, झुमके, चेन बनवा रहे हैं। इनके वजन में भी लोग कटौती कर रहे हैं। सराफा कारोबारी सोमेश वर्मा ने बताया कि दो-तीन साल पहले शादी में औसतन 15 से 40 तोला तक के गहने बनते थे। अब ये 10 तोला के नीचे ही सिमट गए हैं। महंगाई के कारण सबसे ज्यादा मध्यम आय वर्ग वाले परिवारों का बजट गड़बड़ाया है। गहनों की खरीद सीमित कर दी है।
पायल, चांदी के सिक्के की खरीद भी घटी
आगरा सराफा मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजमोहन रैपुरिया का कहना है कि शादी में बिछुआ, पायल, चांदी के बर्तन और बरातियाें-रिश्तेदारों को उपहार देने के लिए चांदी के सिक्कों की खूब खरीद होती थी। महंगाई के कारण बिक्री बुरी तरह प्रभावित हुई है। इनकी खरीद 70-80 फीसदी तक कम हो गई है। लोग हल्के वजन की चीजें ही खरीद कर रहे हैं। अब डिमांड पर ही सामान बना रहे हैं। पहले कई तरह के वजनी आइटम बनवाकर स्टॉक में रखते थे।
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18 कैरेट के ही बनवा रहे गहने
सोने की बढ़ती कीमतों का असर गहनों की खरीद पर पड़ा है। सराफा कारोबारियों का कहना है कि दो-तीन साल पहले तक 20 और 22 कैरेट के सोने के गहनों का चलन ज्यादा था। कीमतों को देखते हुए ग्राहक अब 18 कैरेट के गहनों पर अधिक जोर दे रहे हैं। 20 फीसदी ही खरीदार ऐसे हैं जो 20-22 कैरेट के गहने बनवा रहे हैं।
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सराफा स्वर्णकार व्यावसायिक कमेटी के अध्यक्ष धीरज वर्मा ने बताया कि सोने-चांदी की आसमान छूती कीमतों से शादी वाले घरों के लोग परेशान हैं। पहले छह चूड़ियां, बाजूबंद, करधनी, हथफूल, रानीहार, झुमके, 5-8 अंगूठी, चेन समेत अन्य आइटम रहते थे। अब चार चूड़ी, दो-तीन अंगूठी, झुमके, चेन बनवा रहे हैं। इनके वजन में भी लोग कटौती कर रहे हैं। सराफा कारोबारी सोमेश वर्मा ने बताया कि दो-तीन साल पहले शादी में औसतन 15 से 40 तोला तक के गहने बनते थे। अब ये 10 तोला के नीचे ही सिमट गए हैं। महंगाई के कारण सबसे ज्यादा मध्यम आय वर्ग वाले परिवारों का बजट गड़बड़ाया है। गहनों की खरीद सीमित कर दी है।
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पायल, चांदी के सिक्के की खरीद भी घटी
आगरा सराफा मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजमोहन रैपुरिया का कहना है कि शादी में बिछुआ, पायल, चांदी के बर्तन और बरातियाें-रिश्तेदारों को उपहार देने के लिए चांदी के सिक्कों की खूब खरीद होती थी। महंगाई के कारण बिक्री बुरी तरह प्रभावित हुई है। इनकी खरीद 70-80 फीसदी तक कम हो गई है। लोग हल्के वजन की चीजें ही खरीद कर रहे हैं। अब डिमांड पर ही सामान बना रहे हैं। पहले कई तरह के वजनी आइटम बनवाकर स्टॉक में रखते थे।
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18 कैरेट के ही बनवा रहे गहने
सोने की बढ़ती कीमतों का असर गहनों की खरीद पर पड़ा है। सराफा कारोबारियों का कहना है कि दो-तीन साल पहले तक 20 और 22 कैरेट के सोने के गहनों का चलन ज्यादा था। कीमतों को देखते हुए ग्राहक अब 18 कैरेट के गहनों पर अधिक जोर दे रहे हैं। 20 फीसदी ही खरीदार ऐसे हैं जो 20-22 कैरेट के गहने बनवा रहे हैं।