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सरकारी मेडिकल कॉलेज में इलाज न मिलने पर बेटी की मौत, सात घंटे तक इमरजेंसी के बाहर बैठी रही मां

Sat, 24 Aug 2019 01:13 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 24 Aug 2019 01:13 PM IST
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girl dies due to not get treatment in SN medical college agra
सात घंटे तक इमरजेंसी के बाहर बैठे रहे परिजन - फोटो : अमर उजाला
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में एक बार फिर लापरवाही सामने आई। यहां नौ साल की बच्ची को भर्ती करने से इंकार कर दिया। माता-पिता सात घंटे तक इमरजेंसी के बाहर इलाज की आस में बैठे रहे, लेकिन डॉक्टर नहीं पसीजे और बच्ची की मौत हो गई।
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बाह क्षेत्र के खजुआपुरा निवासी रामवीर सिंह की बेटी अंजू (9 वर्ष) को महीनेभर पहले कुत्ता ने काट लिया था। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं होने पर इसे इंजेक्शन नहीं लगाया जा सका। शुक्रवार को बच्ची की तबियत बिगड़ गई। सीएचसी लेकर गए तो वहां से उसे एसएन कॉलेज इमरजेंसी ले जाने को कह दिया गया। 
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दोपहर में करीब 12 बजे रामवीर बेटी को लेकर इमरजेंसी पहुंचे। यहां से उनको बाल रोग अनुभाग भेज दिया गया। आरोप है कि डॉक्टरों ने बच्ची को रैबीज बताया और कहा कि इसका इलाज यहां नहीं हो पाएगा, दिल्ली ले जाओ। 
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गोद में बेटी को लेकर बैठी रही मां

इस पर पिता बोला कि वो मजदूर हैं, उन पर किराए के लिए भी पैसे नहीं हैं। यहीं भर्ती कर लो, जैसा इलाज हो वैसा ही कर दो। लेकिन डॉक्टर ने नहीं सुनी और बाहर निकाल दिया। बच्ची को गोद में लेकर मां इमरजेंसी के गेट पर शाम सात बजे तक बैठी रही। 

पिता बार-बार डाक्टरों के पास बेटी की हालत खराब होने की दुहाई देते हुए भर्ती करने को गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन वे नहीं पसीजे। इस बीच बच्ची ने दम तोड़ दिया। रामवीर ने बताया कि बच्ची को भर्ती न करने पर उसने पुलिस से भी डॉक्टरों की शिकायत की थी, लेकिन उन्होंने भी कोई सुनवाई नहीं की।

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ जीके अनेजा ने बताया कि बच्ची की हालत बेहद गंभीर थी, उसे इमरजेंसी स्टाफ ने दिल्ली रेफर करने की सलाह दी थी, तीमारदार उसे घर लेकर जाने लगे, इमरजेंसी के बाहर आते ही उसकी मौत हो गई थी। 
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