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निराश्रित गोवंश सड़कों पर घूमते न मिलें, जिलाधिकारी ने कान्हा गोशाला का किया निरीक्षण
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कासगंज सोरोंजी में कान्हा गोशाला का निरीक्षण करतीं डीएम हर्षिता माथुर।
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। जिलाधिकारी बुधवार को सोरोंजी की कान्हा गोशाला में पहुंचीं। यहां उन्होने गोशाला के अभिलेखों का निरीक्षण किया। गोवंशों के लिए भूसा, पानी, हरा चारा तथा उनके संरक्षण आदि के संबंध में जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिले में कहीं भी निराश्रित गोवंशों को खेतों या सड़कों पर खुला न घूमने दिया जाए। उन्हें तत्काल गोशालाओं में लेकर आएं। पशुओं का टीकाकरण समय से कराया जाए। निरीक्षण के दौरान गोशाला में साफ-सफाई अच्छी व्यवस्था मिली। गोशाला के गोदाम में लगभग 500 क्विंटल भूसा तथा पर्याप्त मात्रा में हरा चारा उपलब्ध पाया गया। गोवंशों को पीने के लिए पानी तथा बीमार होने पर गोवंशों को उपचार की पर्याप्त व्यवस्था है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके सागर ने बताया कि जनपद में कुल 12 सरकारी गोशालाएं तथा 2 धर्माध गोशालाएं संचालित हैं। इनमें 4042 निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं। सभी गोशालाओं में भूसा, पानी, हरा चारे व पशु चिकित्सकों के माध्यम से उपचार की पर्याप्त व्यवस्था है।
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निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिले में कहीं भी निराश्रित गोवंशों को खेतों या सड़कों पर खुला न घूमने दिया जाए। उन्हें तत्काल गोशालाओं में लेकर आएं। पशुओं का टीकाकरण समय से कराया जाए। निरीक्षण के दौरान गोशाला में साफ-सफाई अच्छी व्यवस्था मिली। गोशाला के गोदाम में लगभग 500 क्विंटल भूसा तथा पर्याप्त मात्रा में हरा चारा उपलब्ध पाया गया। गोवंशों को पीने के लिए पानी तथा बीमार होने पर गोवंशों को उपचार की पर्याप्त व्यवस्था है।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके सागर ने बताया कि जनपद में कुल 12 सरकारी गोशालाएं तथा 2 धर्माध गोशालाएं संचालित हैं। इनमें 4042 निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं। सभी गोशालाओं में भूसा, पानी, हरा चारे व पशु चिकित्सकों के माध्यम से उपचार की पर्याप्त व्यवस्था है।
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