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150 रुपये की गर्भपात किट की 1500 रुपये में बेची
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आगरा। महाराष्ट्र के जलगांव में आगरा से सप्लाई की गईं गर्भपात किटों की बिक्री का मामला सामने आया है। 150 रुपये की एक किट को 1500 रुपये में बेचा गया, जबकि उन पर एमआरपी 250 रुपये लिखी थी। जलगांव पुलिस ने बृहस्पतिवार को फव्वारा के दवा बाजार में छापा मारा। एक फर्म के कारोबारी नवीन अरोड़ा उर्फ विक्की से पूछताछ की। हालांकि दवा की बिक्री के संबंध में कारोबारी ने जानकारी से इंकार किया। इस पर पुलिस लौट गई।
थाना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि बृहस्पतिवार को जलगांव के एएसआई किरण लक्ष्मण पाठक आगरा आए थे। उन्होंने बताया कि उनके जिले में एक व्यक्ति को गर्भपात किट के साथ पकड़ा है। वह किट को 1500 रुपये में गलत तरीके से बेच रहा था। उसने बिल दिखाए थे। इस पर कीमत 150 रुपये थी, जबकि किट पर एमआरपी 250 रुपये लिखी थी। इस किट के बिल आगरा के फव्वारा स्थित नवीन अरोड़ा की फर्म माधव ड्रग हाउस के दिखाए। इस पर टीम फर्म संचालक से पूछताछ करने आई थी।
संचालक का कहना था कि उनके बिल को ऑनलाइन निकाला जा सकता है। लेकिन, बिल की प्रमाणिकता तभी है, जब उस पर मुहर और हस्ताक्षर हों। जिन बिलों को महाराष्ट्र में पकड़े आरोपी ने दिखाया, उन पर मुहर नहीं थी। हस्ताक्षर भी नहीं थे। इस पर एएसआई पूछताछ करके चले गए हैं।
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कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार पांडेय के मुताबिक, जलगांव पुलिस वहां गिरफ्तार हुए आरोपी के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवा रही है। वह एक बिचौलिए से बात करता था। आशंका है कि बिचौलिया दवा कारोबारियों के संपर्क में है। फिर से टीम आएगी।
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थाना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि बृहस्पतिवार को जलगांव के एएसआई किरण लक्ष्मण पाठक आगरा आए थे। उन्होंने बताया कि उनके जिले में एक व्यक्ति को गर्भपात किट के साथ पकड़ा है। वह किट को 1500 रुपये में गलत तरीके से बेच रहा था। उसने बिल दिखाए थे। इस पर कीमत 150 रुपये थी, जबकि किट पर एमआरपी 250 रुपये लिखी थी। इस किट के बिल आगरा के फव्वारा स्थित नवीन अरोड़ा की फर्म माधव ड्रग हाउस के दिखाए। इस पर टीम फर्म संचालक से पूछताछ करने आई थी।
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संचालक का कहना था कि उनके बिल को ऑनलाइन निकाला जा सकता है। लेकिन, बिल की प्रमाणिकता तभी है, जब उस पर मुहर और हस्ताक्षर हों। जिन बिलों को महाराष्ट्र में पकड़े आरोपी ने दिखाया, उन पर मुहर नहीं थी। हस्ताक्षर भी नहीं थे। इस पर एएसआई पूछताछ करके चले गए हैं।
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कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार पांडेय के मुताबिक, जलगांव पुलिस वहां गिरफ्तार हुए आरोपी के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवा रही है। वह एक बिचौलिए से बात करता था। आशंका है कि बिचौलिया दवा कारोबारियों के संपर्क में है। फिर से टीम आएगी।