आगरा: कुबेरपुर लैंडफिल साइट पर कूड़े में लगी आग, 18 घंटे तक सुलगती रही, कई किमी दूर से दिखा धुआं
कुबेरपुर लैंडफिल साइट पर शुक्रवार रात को आग लग गई, जिसने शनिवार सुबह विकराल रूप ले लिया। दमकल की तीन गाड़ियों से आग बुझाने के प्रयास किए गए, लेकिन शाम तक धुआं उठता रहा।
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आगरा के कुबेरपुर लैंडफिल साइट पर कूड़े के पहाड़ में शुक्रवार रात को आग लग गई, जो 18 घंटे तक जलती रही और धुएं के गुबार से आसपास के इलाके के लोग परेशान रहे। यहां धुएं के बादल छाए रहे। कई किमी दूर से धुएं का गुबार लोगों को नजर आते रहे। फायर बिग्रेड की तीन गाड़ियों ने यहां पहुंचकर आग बुझाई, लेकिन शाम तक यहां धुआं उठता रहा।
शहर से हर दिन कचरा नगर निगम के ट्रकों में भरकर कुबेरपुर लैंडफिल साइट पर पहुंचता है। कुबेरपुर लैंडफिल साइट पर शुक्रवार रात को आग लग गई, जिसने शनिवार सुबह विकराल रूप ले लिया। 25 से 30 फुट ऊंचे कचरे के पहाड़ धूं-धूं कर जले तो धुआं पूरे क्षेत्र में फैल गया। प्लास्टिक, पॉलीथिन जलने से विषैले तत्व हवा में घुल गए।
शनिवार सुबह पहुंची दमकल की तीन गाड़ियां
आग फैली तो नगर निगम ने फायर बिग्रेड को सूचना दी। शनिवार सुबह तीन गाड़ियों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन दोपहर दो बजे के बाद आग बुझ सकी। इसका धुआं शाम तक उठता रहा। लैंडफिल साइट के बड़े इलाके तक यह आग फैल गई थी। यह पहली बार है जब कचरे में इतने बड़े स्तर पर आग लगी हो। इससे पहले ट्रांसपोर्ट नगर स्थित रेलवे लाइन के पीछे बने ट्रांसफर स्टेशन के पास फैले 50 मीट्रिक टन कचरे में आग लगी थी जो 6 से 8 घंटे तक लगी रही थी।
आग लगने का यह कारण तो नहीं
तीन दिन पहले ही बाईपास पर नगर निगम का ट्रक कूड़ा लेकर कुबेरपुर साइट जा रहा था, तब उसमें आग लग गई। एक आशंका ये भी है कि डलाबघर में कचरा निस्तारित करने के लिए आग लगा दी जाती है, वही सुलगता हुआ कचरा कुबेरपुर तक ट्रक के जरिए पहुंच जाता है। ट्रकों में लगातार लग रही आग के पीछे प्रमुख कारण यह भी बताया जा रहा है।नगर निगम के अपर नगर आयुक्त एसपी यादव ने कहा कि कचरे में आग कैसे लगी, इसकी रिपोर्ट मांगी गई है।