कासगंज जिले में बाढ़ का खतरा: पहाड़ों पर बारिश और बादल फटने से बढ़ा गंगा का जलस्तर
गंगा में जलस्तर बढ़ने से जिले में साधारण स्तर की बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इसे लेकर सिंचाई विभाग अलर्ट हो गया है।
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पहाड़ों पर हो रही बारिश और बादल फटने की घटनाओं से गंगा में तेजी से जलस्तर बढ़ रहा है। कासगंज जिले में पिछले 24 घंटों में गंगा का पानी 40 सेंटीमीटर बढ़ गया है। अभी जलस्तर में और वृद्धि की आशंका बनी हुई है, जिससे तटवर्ती इलाकों के लोग बाढ़ को लेकर चिंतित हैं। हालांकि सिंचाई विभाग का कहना है कि जिले में फिलहाल बाढ़ का खतरा नहीं है। लगातार निगरानी की जा रही है।
कछला घाट पर गंगा में बुधवार को गंगा का जलस्तर 163.10 मीटर के निशान पर था। जो 24 घंटों में बढ़कर गुरुवार को 163.50 के निशान पर पहुंच गया। हरिद्वार से बुधवार को 77904 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जो अब बढ़कर 116592 क्यूसेक हो गया है। लगातार बिजनौर और नरौरा बैराज से भी पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे जलस्तर में और वृद्धि की आशंका है।
गंगा में जलस्तर बढ़ने से जिले में साधारण स्तर की बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बढ़ते जलस्तर को लेकर सिंचाई विभाग अलर्ट हो गया है। निगरानी बढ़ा दी गई है। जलस्तर में उतार चढ़ाव के कारण कटान का खतरा लगातार बना हुआ है। सावन में गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं के लिए बढ़ा हुआ जलस्तर खतरे का कारण बन सकता है।
इतना छोड़ा गया पानी
- 116592 क्यूसेक पानी हरिद्वार से छोड़ा गया।
- 152551 क्यूसेक पानी बिजनौर बैराज से छोड़ा गया।
- 63231 क्यूसेक पानी नरौरा बैराज से छोड़ा गया।
- 163.50 मीटर के निशान पर पहुंचा कछला गंगा का जलस्तर।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार ने बताया कि पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश और बादल फटने के कारण गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। अभी जिले में खतरे के कोई हालात नहीं है। आगामी समय में जलस्तर में और वृद्धि होने का अनुमान है। लगातार निगरानी की जा रही है।