गंगा दशहरा: स्नान पर पुलिस की सख्ती, बैरियर लगाकर रोके श्रद्धालु, अस्थि विजर्सन को दी अनुमति
सोरों हरि की पैड़ी पर अस्थि विसर्जन करने के लिए आने वाले लोगों को अस्थि विसर्जन का मौका दिया गया। अस्थि विसर्जन करने वाले लोगों ने पूजा-अर्चना की और गंगा स्नान किया।
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कोरोना कर्फ्यू के दिन रविवार को गंगा दशहरा के मौके पर श्रद्धालुओं को पुलिस प्रशासन ने गंगा घाटों की ओर जाने से पहले ही रोक दिया। पूरे जिले में जगह-जगह बॉर्डर पर पुलिस के बैरियर लगाकर चेकिंग की। जो लोग गंगा स्नान की ओर जा रहे थे उन्हें वापस किया गया। कासगंज, सोरों में जगह-जगह सख्ती का आलम दिखाई दिया। गंजडुंडवारा के कादरगंज गंगा घाट पर लोग न पहुंचें इसके लिए पुलिस चेकिंग करती नजर आई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मायूस होकर लौटे। एसपी मनोज कुमार सोनकर ने तीन दिन पहले से ही पुलिस को अलर्ट कर दिया था। गंगा घाटों पर पहरा होने के कारण श्रद्धालु मायूस हुए।
अस्थि विसर्जन को पहुंचे लोग
सोरों हरि की पैड़ी पर अस्थि विसर्जन करने के लिए आने वाले लोगों को अस्थि विसर्जन का मौका दिया गया। अस्थि विसर्जन करने वाले लोगों ने पूजा-अर्चना की और गंगा स्नान किया।
तमाम लोग ग्रामीण रास्तों से गंगास्नान को पहुंचे
गंगा स्नान के लिए निकले श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान करने के लिए काफी कड़ी कवायद की। तमाम लोग ग्रामीण रास्तों से गंगा तक पहुंचे और गंगा की धार जहां श्रद्धालुओं को मिली, उन्होंने वहीं पर स्नान कर लिया। बारवारा इस्माइलपुर सहित अन्य ऐसे स्थान थे जहां श्रद्धालुओं ने स्नान किया ।
क्षेत्राधिकारी आर के तिवारी ने बताया कि कोरोना के समय में गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं से न आने की अपील की गई। रविवार को कोरोना कर्फ्यू का दिन है। कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन न हो इसके लिए गंगा स्नान पर रोक लगाई गई।
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गंगा दशहरा पर्व पर पुलिस प्रशासन के द्वारा लगाई गई गंगा स्नान पर से रोक यातायात के लिए बड़ी समस्या बन गई। जो श्रद्धालु वाहनों से गंगा स्नान के लिए आ रहे थे उनके वाहन प्रवेश न मिलने के कारण खड़े रहे। इससे काफी लंबी-लंबी लाइनें लग गईं। ऐसी स्थिति देखकर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा घाटों की ओर पैदल ही निकल पड़े। यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त बनी रहीं। राजस्थान मध्य प्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं में पुलिस-प्रशासन की व्यवस्था पर आक्रोश था। उनका कहना था कि वह सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करके गंगा स्नान को आए हैं। लेकिन गंगा स्नान को नहीं जा पा रहे पैदल जाने को मजबूर हो रहे हैं। जाम के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।