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UP: रिहाई के 8 दिन बाद गांव पहुंचा गंभीर, 6 लोगों की हत्या के मामले में हुआ है बरी; घर को देखकर ये बोला
Fri, 21 Feb 2025 12:39 AM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Fri, 21 Feb 2025 12:39 AM IST
सार
गांव तुरकिया में पहुंचे गंभीर को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। गंभीर ने कहा कि वह अब यहां नहीं रहेगा। कहीं और जाकर जीवन यापन करेगा।
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गंभीर सिंह।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के अछनेरा के गांव तुरकिया में भाई-भाभी और 4 बच्चों की हत्या के मामले में आरोपी गंभीर सिंह सुप्रीम कोर्ट से बरी होने के बाद बृहस्पतिवार को अपने गांव पहुंचे। उन्होंने अपना घर देखा। गांव के बुजुर्गों का आशीर्वाद भी लिया। कहा कि उसे झूठा फंसाया गया था। अब वह सब कुछ भूलकर अपनी जिंदगी कहीं और बिताएगा।
9 मई 2012 की रात को गांव तुरकिया निवासी सत्यभान, उनकी पत्नी पुष्पा और 4 बच्चों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने मृतक सत्यभान के भाई गंभीर सिंह को जेल भेजा था। उसे जिला न्यायालय ने फांसी की सजा सुनाई थी। इस सजा को हाईकार्ट ने बरकरार रखा था।
पिछले माह गंभीर सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने बरी कर दिया था। वह केंद्रीय कारागार से 12 फरवरी को रिहा हुआ था। वह कहां गया? इस बारे में कोई नहीं जानता था। मगर, गांव में दहशत का माहाैल था। वादी महावीर सिंह ने सुरक्षा की गुहार लगाई थी।
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आठ दिन बाद गंभीर अपनी बुआ और फुफेरे भाई के साथ गाड़ी से अपने गांव पहुंचा। इसकी जानकारी पर ग्रामीण जुट गए। उसने बुजुर्ग एवं महिलाओं के पैर छूकर आर्शीवाद लिया। गांव के अपने परिचितों का हालचाल पूछा। कहा कि वह पुरानी बातों को भूल चुका है। अब नई जिंदगी शुरू करेगा।
गंभीर सिंह ने कहा कि अपने गांव के लोगों से शिष्टाचार मुलाकात करने आया है। यह भी कहा कि अब वो गांव में नहीं रहेगा। जीवन यापन के लिए कहीं और जाएगा। गांव में उसका मकान भी बेच दिया गया है। गंभीर के पहुंचने की जानकारी पुलिस को भी नहीं हुई।
हत्याकांड के दो महीने बाद ही परिवार की जमीन को कुछ लोगों ने पड़ोस के गांव के एक व्यक्ति को बेच दिया था। अब इस मामले में जल्द गांव के लोग पंचायत करने का मन बना रहे हैं।
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9 मई 2012 की रात को गांव तुरकिया निवासी सत्यभान, उनकी पत्नी पुष्पा और 4 बच्चों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने मृतक सत्यभान के भाई गंभीर सिंह को जेल भेजा था। उसे जिला न्यायालय ने फांसी की सजा सुनाई थी। इस सजा को हाईकार्ट ने बरकरार रखा था।
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पिछले माह गंभीर सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने बरी कर दिया था। वह केंद्रीय कारागार से 12 फरवरी को रिहा हुआ था। वह कहां गया? इस बारे में कोई नहीं जानता था। मगर, गांव में दहशत का माहाैल था। वादी महावीर सिंह ने सुरक्षा की गुहार लगाई थी।
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आठ दिन बाद गंभीर अपनी बुआ और फुफेरे भाई के साथ गाड़ी से अपने गांव पहुंचा। इसकी जानकारी पर ग्रामीण जुट गए। उसने बुजुर्ग एवं महिलाओं के पैर छूकर आर्शीवाद लिया। गांव के अपने परिचितों का हालचाल पूछा। कहा कि वह पुरानी बातों को भूल चुका है। अब नई जिंदगी शुरू करेगा।
गंभीर सिंह ने कहा कि अपने गांव के लोगों से शिष्टाचार मुलाकात करने आया है। यह भी कहा कि अब वो गांव में नहीं रहेगा। जीवन यापन के लिए कहीं और जाएगा। गांव में उसका मकान भी बेच दिया गया है। गंभीर के पहुंचने की जानकारी पुलिस को भी नहीं हुई।
हत्याकांड के दो महीने बाद ही परिवार की जमीन को कुछ लोगों ने पड़ोस के गांव के एक व्यक्ति को बेच दिया था। अब इस मामले में जल्द गांव के लोग पंचायत करने का मन बना रहे हैं।