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आग से चार झोपड़ियां और तीन लाख रुपये जले
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बाह। विक्रमपुर कछार गांव में शनिवार की शाम ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखे फूस में लगी आग से चार झोपड़ियां, किसान पंचम कुशवाह की झोपड़ी में जमीन का बैनामा कराने के लिए रखे तीन लाख रुपये राख हो गए। लपटों की जद में आने से उनकी छह बकरियां भी जल मरीं। गृहस्थी का सारा सामान भी जल गया। दमकलकर्मियों और ग्रामीणों ने पांच घंटे जूझने के बाद आग पर काबू पाया।
पंचम कुशवाहा ने बताया कि उसकी झोपड़ी के पास ही फूस से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी थी। इसी फूस में जाने कैसे आग लग गई। देखते ही देखते भड़की आग ने उनकी तीन झोपड़ियों के अलावा पड़ोसी छिद्दू लाल की भी एक झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। झोपड़ी में लगी आग की चपेट में आने से पंचम की छह बकरियां जलकर मर गईं। उन्होंने जमीन का बैनामा कराने के लिए तीन लाख रुपये भी झोपड़ी में रखे थे। सारे नोट जल गए। जले हुए नोटों को देखकर पंचम सिंह अचेत हो गए।
होश में आने पर उन्होंने बताया कि आग से उनकी तीन झोपड़ी, 10 क्विंटल सरसों, बर्तन, कपड़े, चक्की, चारपाई समेत गृहस्थी का सारा सामान जल गया। पड़ोसी छिद्दू लाल की झोपड़ी और गृहस्थी का सामान जला है। सूचना पर पहुंची फायर बिग्रेड की टीम ने आग पर काबू पाया। रास्ता खराब होने की वजह से दमकल को पहुंचने में दिक्कत हुई। गांव वालों ने बताया कि दमकल आग पर काबू नहीं पाती तो पूरा गांव तबाह हो जाता। अग्निशमन विभाग के नितेश कुमार ने बताया कि करीब पांच घंटे में आग बुझाई जा सकी है।
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पंचम कुशवाहा ने बताया कि उसकी झोपड़ी के पास ही फूस से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी थी। इसी फूस में जाने कैसे आग लग गई। देखते ही देखते भड़की आग ने उनकी तीन झोपड़ियों के अलावा पड़ोसी छिद्दू लाल की भी एक झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। झोपड़ी में लगी आग की चपेट में आने से पंचम की छह बकरियां जलकर मर गईं। उन्होंने जमीन का बैनामा कराने के लिए तीन लाख रुपये भी झोपड़ी में रखे थे। सारे नोट जल गए। जले हुए नोटों को देखकर पंचम सिंह अचेत हो गए।
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होश में आने पर उन्होंने बताया कि आग से उनकी तीन झोपड़ी, 10 क्विंटल सरसों, बर्तन, कपड़े, चक्की, चारपाई समेत गृहस्थी का सारा सामान जल गया। पड़ोसी छिद्दू लाल की झोपड़ी और गृहस्थी का सामान जला है। सूचना पर पहुंची फायर बिग्रेड की टीम ने आग पर काबू पाया। रास्ता खराब होने की वजह से दमकल को पहुंचने में दिक्कत हुई। गांव वालों ने बताया कि दमकल आग पर काबू नहीं पाती तो पूरा गांव तबाह हो जाता। अग्निशमन विभाग के नितेश कुमार ने बताया कि करीब पांच घंटे में आग बुझाई जा सकी है।
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