Agra News: ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रखने के नाम पर 400 करोड़ रुपये खर्च, फिर भी नहीं मिली जाम से मुक्ति
आगरा स्मार्ट सिटी कंपनी 400 करोड़ रुपये इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर और चौराहों को सुधारने पर खर्च कर चुकी है, लेकिन जाम से लोगों को मुक्ति नहीं मिल पाई।
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नए साल और सोमवार को शहर की प्रमुख सड़कों, चौराहों पर लोगों को जाम से जूझना पड़ा, जबकि शहर के चौराहों और सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रखने के नाम पर 400 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। आगरा स्मार्ट सिटी कंपनी के दावे हैं कि ट्रैफिक सिग्नल के साथ चौराहों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ कैमरे ऐसे लगे हैं कि वाहनों का दबाव खुद पहचान कर सिग्नल को लाल या हरा कर देंगे, लेकिन शहर के किसी भी एक चौराहे पर यह कारगर नहीं हैं। आगरा स्मार्ट सिटी कंपनी 400 करोड़ रुपये इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर और चौराहों को सुधारने पर खर्च कर चुकी है, लेकिन जाम से लोगों को मुक्ति नहीं मिल पाई।
शहर के 63 चौराहों पर 1250 से ज्यादा कैमरे आगरा स्मार्ट सिटी कंपनी ने लगाए हैं, लेकिन इनमें से 460 से ज्यादा स्थायी रूप से बंद हैं। चौराहों पर ट्रैफिक नियंत्रण के लिए ऑटोमेटिक सिग्नल प्रणाली लगाई गई है, जो एआई कैमरों से लैस है, लेकिन हरीपर्वत, यमुना किनारा, बोदला, प्रतापपुरा, सांई की तकिया समेत शहर के चौराहे जाम से जूझते रहे।
योजना को और कार्यान्वयन की जरूरत
आगरा परिवहन समिति के सदस्य डॉ. संजय चतुर्वेदी ने बताया कि स्मार्ट कैमरे लगाए हैं, लेकिन उनका उपयोग नहीं हो रहा। सबसे व्यस्त हरीपर्वत चौराहे पर ही उसका उपयोग कर लें या फिर चौराहे की डिजाइन बदलें, तब ट्रैफिक जाम से कुछ राहत संभव है। ट्रैफिक नियंत्रण के लिए बड़े स्तर पर योजना को और कार्यान्वयन की जरूरत है।
पार्षद शिरोमणि सिंह ने बताया कि ट्रैफिक सिग्नल थोक के भाव ऐसे लगाए हैं कि गलियों, पुराने शहर में भी लगा दिए गए, जबकि पुराने शहर में तिराहों पर उनका कोइ काम नहीं। केवल बजट ठिकाने के लिए पूरा काम किया गया, इसीलिए एक भी कैमरा ट्रैफिक का काम नहीं कर रहा। स्मार्ट सिटी को ये कैमरे केवल लगाने थे, कारगर नहीं हुए।
आगरा स्मार्ट सिटी कंपनी के पीएमसी लीडर आनंद मेनन ने कहा कि हमने चौराहों पर ऑटोमेटिक ट्रैफिक सिग्नल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कैमरे लगाए हैं और इन्हें पुलिस को हैंडओवर कर दिया है। ट्रैफिक पुलिस इन्हें ऑटोमेटिक मोड और मैनुअल मोड पर चला सकती है। कैमरे अपने आप ट्रैफिक लोड देखकर ट्रैफिक सिग्नल को बदल सकते हैं।