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UP News: एटा के कैलाश मंदिर में चतुर्मुखी शिवलिंग...150 साल पुराना रोचक है यहां का इतिहास; देखें वीडियो
Mon, 12 Aug 2024 01:30 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 12 Aug 2024 01:30 PM IST
सार
भक्तों की झोली भरने वाले कैलाश महादेव मंदिर पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी है। श्रावण माह में मेले जैसा माहौल रहेगा। पवित्र माह में जलाभिषेक एवं पूजा अर्चना के लिए हजारों भक्त दूसरे प्रांतों से भी आ रहे हैं।
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चौमुखी शिवलिंग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश के एटा जिले में डेढ़ सौ साल पुराने श्री कैलाश महादेव मंदिर जिले का सबसे ऊंचा शिवालय है। 190 फुट ऊंचे शिखर वाले मंदिर का गर्भगृह सौ फुट ऊंचा ही नहीं ठोस भी है। मान्यता के अनुसार तत्कालीन राजा राय बहादुर दिलसुख राव ने राज्य की खुशहाली एवं प्रजा को कष्ट से दूर रखने के लिए मंदिर का निर्माण कराया था। श्रेष्ठ पंडितों एवं ज्योतिषी सलाह पर भगवान शिव की चौमुखी प्रतिमा की परंपरागत तरीके से लंबे अनुष्ठानों के बाद प्राण प्रतिष्ठा कराई गई थी। किवंदती के अनुसार चौमुखी शिवलिंग कवच बनकर चारों दिशाओं से भक्तों की रक्षा करती है।
नीचे से मंदिर की ऊंचाई देख कर डरने वाले शिथिल बुजुर्ग भी भगवान भोले की शरण में दस्तक देना नहीं भूलते। सैकड़ों भक्त जहां प्रतिदिन पूजा अर्चना करने आते हैं, वहीं सोमवार को भक्तों की संख्या बढ़ जाती है। श्रावण माह में यहां लाखों लोग जलाभिषेक कर मनौती मांगते हैं। श्रावण माह में रुद्राभिषेक, ग्रहों की शांति, काल सर्पयोग एवं महामृत्युंज जाप करवाने वालों की लंबी लाइन रहती है। मनोकामना पूर्ण करने वाले इस शिवालय में श्रद्धालुओं के कष्ट ही दूर नहीं होते खुशियां भी मिलती हैं। मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश भर से लोगों को मानसिक शांति एवं कष्ट दूर होते हैं।
कैलाश मंदिर स्थित है। सावन महीने के चौथे सोमवार को भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सैकड़ों की संख्या में कांवड़िए तो हजारों की संख्या में भक्त भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए यहां पहुंचे। मंदिर के आसपास पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के बेहतरीन इंतजाम किए गए हैं। वहीं भक्तों द्वारा भगवान भोलेनाथ का फूल बंगला बनाया गया और शाम को भंडारे की व्यवस्था भी की गई है।
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नीचे से मंदिर की ऊंचाई देख कर डरने वाले शिथिल बुजुर्ग भी भगवान भोले की शरण में दस्तक देना नहीं भूलते। सैकड़ों भक्त जहां प्रतिदिन पूजा अर्चना करने आते हैं, वहीं सोमवार को भक्तों की संख्या बढ़ जाती है। श्रावण माह में यहां लाखों लोग जलाभिषेक कर मनौती मांगते हैं। श्रावण माह में रुद्राभिषेक, ग्रहों की शांति, काल सर्पयोग एवं महामृत्युंज जाप करवाने वालों की लंबी लाइन रहती है। मनोकामना पूर्ण करने वाले इस शिवालय में श्रद्धालुओं के कष्ट ही दूर नहीं होते खुशियां भी मिलती हैं। मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश भर से लोगों को मानसिक शांति एवं कष्ट दूर होते हैं।
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कैलाश मंदिर स्थित है। सावन महीने के चौथे सोमवार को भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सैकड़ों की संख्या में कांवड़िए तो हजारों की संख्या में भक्त भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए यहां पहुंचे। मंदिर के आसपास पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के बेहतरीन इंतजाम किए गए हैं। वहीं भक्तों द्वारा भगवान भोलेनाथ का फूल बंगला बनाया गया और शाम को भंडारे की व्यवस्था भी की गई है।
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