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Agra: पुलिस की लापरवाही पड़ी भारी, तमंचे की जांच नहीं हुई, खनन के चार आरोपी हुए बरी
Tue, 05 May 2026 11:26 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 05 May 2026 11:26 AM IST
सार
आगरा में अवैध खनन और पुलिस पर हमले के मामले में चार आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया। मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई, क्योंकि तमंचों की फॉरेंसिक जांच और जरूरी सबूत पेश नहीं किए गए थे।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पुलिस दल पर जानलेवा हमला और खनिज अधिनियम के मामले में विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावी क्षेत्र नीरज कुमार महाजन ने सुनवाई की। उन्होंने साक्ष्य के अभाव में चार आरोपियों को बरी करने के आदेश दिए।
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अदालत में सुनवाई के दौरान पुलिस की लापरवाही सामने आई। पुलिस ने घटना के बाद आरोपियों से बरामद तमंचे जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला नहीं भेजे और न ही फायरिंग की पुष्टि के लिए खोखा कारतूस अदालत में पेश किए। पुलिस के पास घटना और बरामदगी का कोई स्वतंत्र गवाह भी नहीं था।
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थाना जगनेर में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, तत्कालीन थानाध्यक्ष कुशल पाल सिंह ने तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि 9 सितंबर, 2020 को वह पुलिस टीम के साथ गश्त पर थे। धौलपुर की तरफ से अवैध चंबल सैंड लेकर आती ट्रैक्टर-ट्रॉली दिखी। रोकने पर ट्रॉली पर बैठे लोगों ने चालक से ट्रैक्टर पुलिस पर चढ़ाने को कह दिया। आरोपियों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई में सात गोलियां चलाईं।
गोली लगने से एक खनन माफिया घायल हुआ। दो आरोपी गिरफ्तार किए गए जबकि दो आरोपी ट्रैक्टर से ट्रॉली को अलग कर भाग गए। विवेचक ने आरोपी रवी, सुखराम, लवकुश और मदन सिंह के खिलाफ हत्या का प्रयास, खनिज अधिनियम और आयुध अधिनियम के तहत आरोपपत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की तरफ से थानाध्यक्ष सहित 6 गवाह अदालत में पेश किए गए।