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आगराः चीन को टक्कर दे रहा फाउंड्री उद्योग, बनाए स्वदेशी टिकाऊ इंजन पम्प सेट
Sun, 12 Jul 2020 01:36 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 12 Jul 2020 01:36 PM IST
सार
- 100 इकाइयां -250 कारखाने
- 4 लाख लोगों को रोजगार
- चीन से आयात 30 फीसदी
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आयरन फाउंड्री उद्योग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आयरन फाउंड्री उद्योग चीन को कड़ी टक्कर देने में लगा है। गुणवत्ता के मामले में बीते तीन वर्ष महत्वपूर्ण साबित हुए हैं। इस दौरान टर्नओवर में डेढ़ गुना तक का इजाफा कर लिया है। हालांकि प्रतिस्पर्द्धा में बने रहने के लिए सरकार के साथ की जरूरत है।
चीन से मुख्य रूप से इंजन पंप सेट आयात होते हैं। जिनकी औसत कीमत 10 हजार रुपये होती है। ये कीमत के मामले में यहां से आधे होते हैं। हालांकि गुणवत्ता ठीक न होने के कारण जल्द खराब हो जाते हैं। इनकी सर्विस न होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहक चीनी इंजन से दूरी बना रहे हैं। इस वजह से बाजार में इनकी मांग कम है।
भारतीय ग्राहक टिकाऊ चीजें पसंद करते हैं, इसलिए इंजन और पंप सेट टिकाऊ और लोकल लेना पसंद करते हैं। इसका फायदा उद्यमियों ने उठाया। बेहतर उत्पाद बनाकर टर्नओवर एक हजार करोड़ किया, जिसमें निर्यात 250 करोड़ रुपये है। ये तीन वर्ष पहले की तुलना में 50 फीसदी अधिक है।
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चीन से मुख्य रूप से इंजन पंप सेट आयात होते हैं। जिनकी औसत कीमत 10 हजार रुपये होती है। ये कीमत के मामले में यहां से आधे होते हैं। हालांकि गुणवत्ता ठीक न होने के कारण जल्द खराब हो जाते हैं। इनकी सर्विस न होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहक चीनी इंजन से दूरी बना रहे हैं। इस वजह से बाजार में इनकी मांग कम है।
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भारतीय ग्राहक टिकाऊ चीजें पसंद करते हैं, इसलिए इंजन और पंप सेट टिकाऊ और लोकल लेना पसंद करते हैं। इसका फायदा उद्यमियों ने उठाया। बेहतर उत्पाद बनाकर टर्नओवर एक हजार करोड़ किया, जिसमें निर्यात 250 करोड़ रुपये है। ये तीन वर्ष पहले की तुलना में 50 फीसदी अधिक है।
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ये है मांग:
पंप सेट पर मिले सब्सिडी
जीएसटी की दर 18 से घटकर 12 फीसदी हो।
ऑटो पार्ट्स पर टैक्स 28 फीसदी से कम हों।
उद्योग में तकनीक बढ़ाई जाए।
ऋण व्यवस्था बनें आसान।
गुणवत्ता में हम आगे:
गुणवत्ता के मामले हम चीन से आगे हैं। इस समय 100 इकाइयों का औसतन टर्नओवर 1000 करोड़ व 250 करोड़ रुपये का निर्यात है। - अमर मित्तल, अध्यक्ष, आगरा आयरन फाउंडर एसोसिएशन।
पंप सेट पर मिले सब्सिडी:
सरकार द्वारा पहले पंप सेट पर सब्सिडी मिलती थी, जिसे खत्म कर दिया गया। इसे फिर शुरू किया जाना चाहिए। - सुनील सिंघल, उद्यमी।
रॉ मटेरियल हो सस्ता:
चीन भारत से सस्ता रॉ मटेरियल खरीदकर कम कीमत पर सामान बेचता है, जबकि हमें महंगा मटेरियल मुहैया होता है। इस समस्या को सुलझाना जरूरी है। - अंशुल अग्रवाल, उद्यमी।
अपग्रेडेशन की जरूरत:
चीन को अगर सही मायने में जमीन दिखानी है तो तकनीक को बेहतर करने की जरूरत है। साथ ही ऋण व्यवस्था भी आसान बनाई जाए। - मनीष गर्ग, उद्यमी
पंप सेट पर मिले सब्सिडी
जीएसटी की दर 18 से घटकर 12 फीसदी हो।
ऑटो पार्ट्स पर टैक्स 28 फीसदी से कम हों।
उद्योग में तकनीक बढ़ाई जाए।
ऋण व्यवस्था बनें आसान।
गुणवत्ता में हम आगे:
गुणवत्ता के मामले हम चीन से आगे हैं। इस समय 100 इकाइयों का औसतन टर्नओवर 1000 करोड़ व 250 करोड़ रुपये का निर्यात है। - अमर मित्तल, अध्यक्ष, आगरा आयरन फाउंडर एसोसिएशन।
पंप सेट पर मिले सब्सिडी:
सरकार द्वारा पहले पंप सेट पर सब्सिडी मिलती थी, जिसे खत्म कर दिया गया। इसे फिर शुरू किया जाना चाहिए। - सुनील सिंघल, उद्यमी।
रॉ मटेरियल हो सस्ता:
चीन भारत से सस्ता रॉ मटेरियल खरीदकर कम कीमत पर सामान बेचता है, जबकि हमें महंगा मटेरियल मुहैया होता है। इस समस्या को सुलझाना जरूरी है। - अंशुल अग्रवाल, उद्यमी।
अपग्रेडेशन की जरूरत:
चीन को अगर सही मायने में जमीन दिखानी है तो तकनीक को बेहतर करने की जरूरत है। साथ ही ऋण व्यवस्था भी आसान बनाई जाए। - मनीष गर्ग, उद्यमी
ऐसे दे रहे टक्कर
नई तकनीक पर बनाए मोनो ब्लॉक पंप, सबमर्सिबल और हैंडपंप।
खराब होने पर आसानी से सही हो जाते उत्पाद।
चीनी उत्पाद के पार्ट आसानी से उपलब्ध नहीं होते।
अच्छे लेबर की समस्या नहीं।
यहां होती आपूर्ति
उप्र के अलावा बिहार, राजस्थान, पंजाब, गुजरात जैसे राज्यों में होती आपूर्ति। वहीं, कच्ची सामग्री मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल और उड़ीसा से होती है।
इतना है मूल्यों में फर्क
चीन का इंजनपंप सेट 10 हजार रुपये में उपलब्ध हो जाता है। जबकि आगरा में निर्मित पंप सेट की कीमत लगभग दोगुनी है।
नई तकनीक पर बनाए मोनो ब्लॉक पंप, सबमर्सिबल और हैंडपंप।
खराब होने पर आसानी से सही हो जाते उत्पाद।
चीनी उत्पाद के पार्ट आसानी से उपलब्ध नहीं होते।
अच्छे लेबर की समस्या नहीं।
यहां होती आपूर्ति
उप्र के अलावा बिहार, राजस्थान, पंजाब, गुजरात जैसे राज्यों में होती आपूर्ति। वहीं, कच्ची सामग्री मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल और उड़ीसा से होती है।
इतना है मूल्यों में फर्क
चीन का इंजनपंप सेट 10 हजार रुपये में उपलब्ध हो जाता है। जबकि आगरा में निर्मित पंप सेट की कीमत लगभग दोगुनी है।