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UP: फिरोजाबाद में ऐसा बदला था रुख, लोकसभा चुनाव में जमानत भी न बचा सके पूर्व मंत्री; नोटा से भी हार गए
Sat, 13 Apr 2024 11:11 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 13 Apr 2024 11:11 AM IST
सार
फिरोजाबाद से 2019 के लोकसभा चुनाव में निर्दलीय लड़े पूर्व मंत्री चौधरी बशीर की जमानत जब्त हो गई थी। उन्हें नोटा से आधे वोट भी नहीं मिले। वह आगरा छावनी से विधायक रहे थे।
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पूर्व मंत्री चौधरी बशीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा ईवीएम में यह नोटा का विकल्प दिया है। यानी अगर कोई भी प्रत्याशी पसंद नहीं है तो मतदाता नोटा पर वोट कर सकता है। 2019 के लोकसभा चुनाव में नोटा को इतने वोट मिले कि उसने पूर्व मंत्री चौधरी बशीर एवं निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे राजवीर को हराने का काम किया था। हालांकि 2014 के लोकसभा चुनाव में यह संख्या पिछले चुनाव के सापेक्ष कम रही।
लोकसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया शुक्रवार से प्रारंभ हो गई। सपा, बसपा की ओर से प्रत्याशियों की घोषणा कर दी गई। लेकिन भाजपा ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। इस चुनाव में निर्दलीय सहित छोटे दलों के प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भले ही मुकाबला भाजपा के डाॅ. चंद्रसेन जादौन, सपा के अक्षय यादव, प्रसपा नेता शिवपाल सिंह यादव एवं भारती किसान परिवर्तन पार्टी के उपेंद्र सिंह राजपूत से तो नोटा हार गया था। शिवपाल यादव को 91869 मत मिले थे। जबकि उपेंद्र सिंह 9503 मत पाकर चौथे स्थान पर रहे थे।
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लोकसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया शुक्रवार से प्रारंभ हो गई। सपा, बसपा की ओर से प्रत्याशियों की घोषणा कर दी गई। लेकिन भाजपा ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। इस चुनाव में निर्दलीय सहित छोटे दलों के प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भले ही मुकाबला भाजपा के डाॅ. चंद्रसेन जादौन, सपा के अक्षय यादव, प्रसपा नेता शिवपाल सिंह यादव एवं भारती किसान परिवर्तन पार्टी के उपेंद्र सिंह राजपूत से तो नोटा हार गया था। शिवपाल यादव को 91869 मत मिले थे। जबकि उपेंद्र सिंह 9503 मत पाकर चौथे स्थान पर रहे थे।
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लेकिन फिरोजाबाद के मतदाताओं ने नोटा (इनमें से कोई नहीं) को दबाने का काम किया था। यही कारण रहा कि चौधरी बशीर चुनाव मैदान में उतरे तो उनको 2545 मत मिले। निर्दलीय प्रत्याशी राजवीर सिंह को 2416 मत मिले थे। जबकि इनमें से कोई नहीं (नोटा) को 6659 मत पाने में सफल रहा था। इससे साफ है कि यह वोटर चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों को सांसद बनना नहीं देखना चाह रहे थे। जबकि 2014 के लोकसभा चुनाव में नोटा के मतों की संख्या काफी कम थी। इस चुनाव में 4654 ने नोटा का बटन दबाया था।
2019 के लोकसभा चुनाव में नोटा की स्थिति
विधानसभा क्षेत्र -नोटा के मिले मत
टूंडला (सु.) - 1534
जसराना - 1261
फिरोजाबाद - 1168
शिकोहाबाद - 1368
सिरसागंज - 1328
कुल - 6659
विधानसभा क्षेत्र -नोटा के मिले मत
टूंडला (सु.) - 1534
जसराना - 1261
फिरोजाबाद - 1168
शिकोहाबाद - 1368
सिरसागंज - 1328
कुल - 6659