पूर्व मंत्री चौधरी बशीर को जेल: पत्नी ने दर्ज कराया है तीन तलाक का मुकदमा, छह निकाह करने का आरोप
नगमा और चौधरी बशीर का निकाह 11 नंवबर 2011 को हुआ था। आरोप के मुताबिक, निकाह के बाद से ही ससुराल में नगमा का उत्पीड़न किया जाने लगा था। इससे पहले भी चौधरी बशीर जेल जा चुके हैं।
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आगरा के थाना मंटोला में दर्ज पत्नी को तीन तलाक देने के मुकदमे में आरोपी पूर्व मंत्री चौधरी बशीर को गुरुवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इससे पहले कोर्ट ने पूर्व मंत्री का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया था। चर्चा है कि उन्होंने इसके बाद ही खुद ही थाने आकर समर्पण किया।
मंटोला के ढोलीखार निवासी चौधरी बशीर की पत्नी नगमा गोबर चौकी इलाके में मायके में रह रही हैं। नगमा ने आरोप लगाया था कि 23 जुलाई को पति के शाइस्ता नाम की युवती से छठा निकाह करने की जानकारी पर ससुराल गई थीं। इस पर पति ने तीन तलाक बोलकर घर से निकाल दिया।
मंटोला थाने में दर्ज है मुकदमा
इस मामले में थाना मंटोला में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी थी। इस पर चौधरी बशीर घर से भाग निकले थे। उन्होंने कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया, जोकि कोर्ट ने गुरुवार को खारिज कर दिया।
एसएसपी मुनिराज जी. ने बताया कि तीन तलाक के केस में आरोपी पूर्व मंत्री चौधरी बशीर को थाना मंटोला पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेजा गया है। विवेचना के बाद चार्जशीट लगाई जाएगी।
चौधरी बशीर की ओर से अधिवक्ता ने तर्क दिए कि आरोपी के खिलाफ गलत तथ्यों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। घटना का कोई समय अंकित नहीं है। पीड़िता की ओर से पूर्व में दर्ज कराए गए मुकदमे में दोष मुक्त किया जा चुका है। नगमा काफी समय से अलग रह रही है। अवैध धन ऐंठने के उद्देश्य से झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। परिवार न्यायालय में भी दोनों पक्षों के बीच मुकदमा विचाराधीन है।
उक्त मुकदमे में वादिया और आरोपी का कोई तलाक नहीं हुआ है। नगमा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विजय आहूजा और एडीजीसी राधाकृष्ण गुप्ता ने तर्क दिए। उन्होंने पूर्व मंत्री की ओर से प्रस्तुत अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध किया। पुलिस ने कोर्ट में आरोपी का आपराधिक इतिहास भी प्रस्तुत किया। इस पर अपर जिला जज प्रथम सुधीर कुमार ने पूर्व मंत्री का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।
जेल में फर्श पर सोना होगा
जिला जेल में चौधरी बशीर को बैरक नंबर 14 में रखा गया है। इसमें 50 से अधिक बंदी है। इस बैरक में आरोपी पूर्व मंत्री चौधरी बशीर को बंदियों के साथ फर्श पर सोना होगा। उनके खिलाफ दिल्ली में पूर्व विधायक के परिवार की महिला ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। मंटोला पुलिस अब इस मुकदमे की भी जानकारी ले रही है। इसमें भी उनका वारंट बनवाया जा सकता है।
नगमा ने उठाई आवाज, दूसरी बार बशीर को जेल
नगमा और चौधरी बशीर का निकाह 11 नंवबर 2011 को हुआ था। आरोप के मुताबिक, निकाह के बाद से ही ससुराल में नगमा का उत्पीड़न किया जाने लगा। शारीरिक शोषण भी हुआ। बाद में पता चला कि वह चौथी पत्नी हैं। पति के खिलाफ थाने में शिकायत की। इस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया। तब चौधरी बशीर को जेल भेजा गया था। बाद में समझौता हो गया था। तीन साल पहले फिर से उत्पीड़न किया। इस पर नगमा मायके में आकर रहने लगी थी। उसके साथ दो बच्चे भी रहते हैं।
नगमा का आरोप है कि पति बच्चों के लिए भी खर्च नहीं देता है। मुकदमा दर्ज होने के बाद उसे धमका रहा था। पुलिस भी उसे गिरफ्तार नहीं कर पा रही थी। नगमा ने धमकी के मामले में 14 अगस्त को थाना ताजगंज में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें चौधरी बशीर, नौकर मिस्वाह और फरमान को नामजद किया था। नगमा ने कहा था कि वह पति की धमकी से डरने वाली नहीं है। इस बात का वीडियो भी सोशल मीडिया पर डाला था।