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थाना में आमने-सामने आए पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक
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एटा। थाना अलीगंज में रविवार की शाम करीब चार बजे एक हादसे को लेकर क्षेत्र के पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक आमने-सामने आ गए। दोनों के बीच काफी बहस होते देख पुलिस के भी हाथ पांव फूल गए, करीब एक घंटे तक थाना परिसर में दोनों के बीच हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा और समर्थक भी जुटे रहे। इसके बाद किसी तरह से मामला शांत हुआ तब पुलिस ने चैन की सांस ली।
कस्बा अलीगंज स्थित नगला पड़ाव के पास पूर्व ब्लॉक प्रमुख ओमपाल सिंह यादव और पूर्व सांसद महादीपक सिंह शाक्य के नातियों की गाड़ियां शनिवार को आपस में टकरा गई थी। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हो गई, सूचना मिलने के बाद पुलिस पहुंच गई और दोनों को थाना लेकर पहुंच गई। दोनों पक्ष राजनीतिक होने के चलते एक पक्ष से महादीपक शाक्य के नातियों के पक्ष में पूर्व मंत्री अवधपाल सिंह यादव पहुंच गए और दूसरे पक्ष से पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव। इसके बाद गाड़ियां किसकी गलती से भिड़ीं, इस पर बहस हो गई और देखते ही देखते दोनों पक्षों में वहसबाजी शुरू हो गई।
पूर्व मंत्री अवधपाल सिंह का कहना है कि गाड़ियां भिड़ने के बाद पुलिस दोनों पक्षों को थाना लेकर पहुंच गई थीं, यहां पर समझौता कराने के लिए गए थे, यहां पूर्व विधायक की ओर से गलत बातें कहीं गई और प्रभारी निरीक्षक पंकज कुमार मिश्रा ने भी अपना आपा खोया। पुलिस पैसे के बल पर पूर्व विधायक का साथ दे रही थी। पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव का कहना है कि पूर्व ब्लॉक प्रमुख ओमपाल सिंह और पूर्व सांसद महादीपक सिंह शाक्य के नातियों के बीच गाड़ियां भिड़ जाने के चलते विवाद होने के बाद थाना पहुंचे थे। यहां पर पूर्व मंत्री ने उन्हें धमकी दी और अभद्रता पर उतारू हो गए।
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कस्बा अलीगंज स्थित नगला पड़ाव के पास पूर्व ब्लॉक प्रमुख ओमपाल सिंह यादव और पूर्व सांसद महादीपक सिंह शाक्य के नातियों की गाड़ियां शनिवार को आपस में टकरा गई थी। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हो गई, सूचना मिलने के बाद पुलिस पहुंच गई और दोनों को थाना लेकर पहुंच गई। दोनों पक्ष राजनीतिक होने के चलते एक पक्ष से महादीपक शाक्य के नातियों के पक्ष में पूर्व मंत्री अवधपाल सिंह यादव पहुंच गए और दूसरे पक्ष से पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव। इसके बाद गाड़ियां किसकी गलती से भिड़ीं, इस पर बहस हो गई और देखते ही देखते दोनों पक्षों में वहसबाजी शुरू हो गई।
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पूर्व मंत्री अवधपाल सिंह का कहना है कि गाड़ियां भिड़ने के बाद पुलिस दोनों पक्षों को थाना लेकर पहुंच गई थीं, यहां पर समझौता कराने के लिए गए थे, यहां पूर्व विधायक की ओर से गलत बातें कहीं गई और प्रभारी निरीक्षक पंकज कुमार मिश्रा ने भी अपना आपा खोया। पुलिस पैसे के बल पर पूर्व विधायक का साथ दे रही थी। पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव का कहना है कि पूर्व ब्लॉक प्रमुख ओमपाल सिंह और पूर्व सांसद महादीपक सिंह शाक्य के नातियों के बीच गाड़ियां भिड़ जाने के चलते विवाद होने के बाद थाना पहुंचे थे। यहां पर पूर्व मंत्री ने उन्हें धमकी दी और अभद्रता पर उतारू हो गए।
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