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31 फर्जी शिक्षकों से वसूले जाएंगे 4.15 करोड़
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07एमएनपी-21-बीएसए कार्यालय
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। फर्जी अभिलेखों के मामले में बर्खास्त किए गए 31 शिक्षकों से अब वेतन के रूप में दी गई धनराशि की वसूली होगी। इन शिक्षकों ने विभाग से चार करोड़ रुपये वेतन के रूप में प्राप्त किया है। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद रूबी सिंह ने इन शिक्षकों से वेतन के रूप में दी गई धनराशि की रिकवरी के आदेश दिए हैं।
वर्ष 2017 में तत्कालीन बीएसए रामकरन यादव को जानकारी मिली कि जिले में बड़ी संख्या में शिक्षक फर्जी अभिलेखों के सहारे शिक्षक के पद पर नौकरी कर रहे हैं। बीएसए ने जांच कराई तो वर्ष 2013 से 2015 तक हुईं तीन भर्तियों में 31 शिक्षकों के अभिलेख फर्जी मिले। बीएसए ने इन शिक्षकों को बर्खास्त किए जाने की कार्रवाई की।
वहीं खंड शिक्षाधिकारियों को इनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। जब खंड शिक्षाधिकारियों ने इनके विरुद्ध एफआईआर नहीं कराई तो खुद बीएसए रामकरन यादव ने थाना कोतवाली में तीन जुलाई 2017 को इन शिक्षकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करा दी। दो साल बाद भी विभाग की ओर से शिक्षकों से रिकवरी नहीं कराई गई है।
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अब पूरे मामले को शासन ने गंभीरता से लिया है। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद रूबी सिंह ने बीएसए को पत्र भेजकर बर्खास्त किए गए शिक्षकों से रिकवरी कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश भी बीएसए को दिए हैं।
वर्ष 2013 में जिले में हुई 29 हजार शिक्षक भर्ती में 293 कुल शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिए गए थे। जांच के दौरान इस भर्ती प्रक्रिया से आठ शिक्षकों के अभिलेख फर्जी मिले थे। वर्ष 2013 में ही हुई 10800 शिक्षक भर्ती में जिले में कुल चयनित 111 शिक्षकों में से 10 शिक्षकों के अभिलेख फर्जी मिलेे थे। वर्ष 2014 में हुई 10 हजार शिक्षक भर्ती में जिले में कुल चयनित 119 शिक्षकों में से 13 शिक्षक फर्जी निकले थे।
तत्कालीन बीएसए रामकरन यादव ने फर्जी शिक्षकों के विरुद्ध शहर कोतवाली में तीन जुलाई 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद भी पुलिस आज तक एक भी आरोपी फर्जी शिक्षक को गिरफ्तारी नहीं कर सकी। रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद तत्कालीन बीएसए रामकरन यादव को एक मैरिज होम में जान से मारने की धमकी भी दी गई थी।
वर्ष 2017 में जिन 31 फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त कर तत्कालीन बीएसए विजय प्रताप सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई थी। उनमें 22 शिक्षकों के टीईटी अंकपत्र फर्जी थे। चार शिक्षकों के बीएड के अंकपत्र फर्जी थे। वहीं पांच शिक्षकों के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के अंकपत्र में नंबर बढ़ाए गए थे।
विभाग के जो निर्देश प्राप्त हुए हैं, उन पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। शीघ्र ही रिकवरी के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे।
-विजय प्रताप सिंह, बीएसए
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वर्ष 2017 में तत्कालीन बीएसए रामकरन यादव को जानकारी मिली कि जिले में बड़ी संख्या में शिक्षक फर्जी अभिलेखों के सहारे शिक्षक के पद पर नौकरी कर रहे हैं। बीएसए ने जांच कराई तो वर्ष 2013 से 2015 तक हुईं तीन भर्तियों में 31 शिक्षकों के अभिलेख फर्जी मिले। बीएसए ने इन शिक्षकों को बर्खास्त किए जाने की कार्रवाई की।
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वहीं खंड शिक्षाधिकारियों को इनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। जब खंड शिक्षाधिकारियों ने इनके विरुद्ध एफआईआर नहीं कराई तो खुद बीएसए रामकरन यादव ने थाना कोतवाली में तीन जुलाई 2017 को इन शिक्षकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करा दी। दो साल बाद भी विभाग की ओर से शिक्षकों से रिकवरी नहीं कराई गई है।
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अब पूरे मामले को शासन ने गंभीरता से लिया है। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद रूबी सिंह ने बीएसए को पत्र भेजकर बर्खास्त किए गए शिक्षकों से रिकवरी कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश भी बीएसए को दिए हैं।
वर्ष 2013 में जिले में हुई 29 हजार शिक्षक भर्ती में 293 कुल शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिए गए थे। जांच के दौरान इस भर्ती प्रक्रिया से आठ शिक्षकों के अभिलेख फर्जी मिले थे। वर्ष 2013 में ही हुई 10800 शिक्षक भर्ती में जिले में कुल चयनित 111 शिक्षकों में से 10 शिक्षकों के अभिलेख फर्जी मिलेे थे। वर्ष 2014 में हुई 10 हजार शिक्षक भर्ती में जिले में कुल चयनित 119 शिक्षकों में से 13 शिक्षक फर्जी निकले थे।
तत्कालीन बीएसए रामकरन यादव ने फर्जी शिक्षकों के विरुद्ध शहर कोतवाली में तीन जुलाई 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद भी पुलिस आज तक एक भी आरोपी फर्जी शिक्षक को गिरफ्तारी नहीं कर सकी। रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद तत्कालीन बीएसए रामकरन यादव को एक मैरिज होम में जान से मारने की धमकी भी दी गई थी।
वर्ष 2017 में जिन 31 फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त कर तत्कालीन बीएसए विजय प्रताप सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई थी। उनमें 22 शिक्षकों के टीईटी अंकपत्र फर्जी थे। चार शिक्षकों के बीएड के अंकपत्र फर्जी थे। वहीं पांच शिक्षकों के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के अंकपत्र में नंबर बढ़ाए गए थे।
विभाग के जो निर्देश प्राप्त हुए हैं, उन पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। शीघ्र ही रिकवरी के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे।
-विजय प्रताप सिंह, बीएसए