सेहत से खिलवाड़: मिर्च पाउडर-बेसन में रंग की मिलावट, सरसों के तेल में सड़न, जांच में 19 नमूने फेल
- 19 नमूने हुए फेल, सरसों का तेल, मिर्च पाउडर और बेसन मिले हानिकारक
- जनवरी में कुल 22 नमूनों की आई रिपोर्ट, विक्रेताओं को नोटिस किया जारी
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मैनपुरी जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए कई बार अभियान चलाया गया। इसके बाद भी मिलावट नहीं थम रही है। जनवरी में आई खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट में 19 नमूने फेल हो गए। इसमें तीन नमूने हानिकारक भी पाए गए हैं। संबंधित विक्रेताओं को नोटिस जारी किया गया है। शासन से अनुमति मिलने के बाद हानिकारक नमूनों के मामलों में मुकदमा दायर किया जाएगा।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा समय-समय पर खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाते हैं। राज्य प्रयोगशाला में जांच के बाद इसकी रिपोर्ट विभाग को दी जाती है। जनवरी में अब तक 22 नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त हुई। इसमें से 19 नमूने फेल हो गए। अलग-अलग श्रेणियों में देखे तो तीन नमूने जांच में हानिकारक पाए गए, वहीं अन्य नमूने अधोमानक मिले।
हानिकारक नमूनों में शहर के गाड़ीवान निवासी नीरज राठौर की दुकान से लिया गया सरसों के तेल का नमूना, कटरा निवासी शोबित अग्रवाल की दुकान से लिया गया लाल मिर्च पाउडर का नमूना और बेवर में आविद की दुकान से लिया बेसन का नमूना फेल हुआ है।
सरसों का तेल जहां सड़न के कारण फेल हुआ तो वहीं लाल मिर्च पाउडर और बेसन में रंग मिलाया गया था। अधोमानक नमूनों में आटा, मैदा, बेसन का लड्डू, सोनपपड़ी, ऑरेंज कैंडी, मावा दूध आदि शामिल है। संबंधित विक्रेताओं को विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया है। हानिकारक नमूनों के मामले में शासन से अनुमति मिलने के बाद एसीजेएम न्यायालय में मुकदमा दायर किया जाएगा।
ये होते हैं हानिकारक और अधोमानक नमूने
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन में खाद्य पदार्थ के नमूने फेल होने के दो आधार होते हैं। अधोमानक में वे नमूने आते हैं, जिनमें मिलावट तो होती है पर वह मानव शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाती है। वहीं हानिकारक नमूनों में की गई मिलावट मानव शरीर को नुकसान पहुंचाती है।
- मैदा, ज्ञान फ्लोर मिल सेवारामपुर।
- चक्की फ्रेश आटा, ज्ञान फ्लोर मिल सेवारामपुर।
- आटा, ज्ञान फ्लोर मिल सेवारामपुर।
- दलिया, ज्ञान फ्लोर मिल सेवारामपुर।
- बेसन का लड्डू, रवींद्र जैन कुरावली।
- सोनपपड़ी, नरेश बाबू भोगांव।
- गुड़, संजीव कुमार भोगांव।
- हल्दी पाउडर, सोबित अग्रवाल कटरा।
- ऑरेंज कैंडी, शरद राजपूत फर्दपुर।
- सोनपपड़ी, दिनेश जैन कुरावली।
- रंगीन छैना, सुरेंद्र कुमार भोगांव।
- बेसन, पंकज जैन करहल रोड।
- मावा, कन्हैया मिष्ठान भंडार मैनपुरी।
- बूंदी का लड्डू, सुरेश बाबू भोगांव।
- मिश्रित दूध, मनोज कुमार भीखपुरा।
- मिश्रित दूध, उमेश कुमार खुशालपुर।
अभिहित अधिकारी डॉ. टीआर रावत ने बताया कि जनवरी में अब तक 22 नमूनों की जांच रिपोर्ट आई है, उसमें से 19 नमूने फेल हुए हैं। तीन नमूने हानिकारक भी मिले हैं। विक्रेताओं को नोटिस जारी किया गया है। शासन से अनुमति के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।