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यूपी: नकली सोस के कारोबार का पर्दाफाश, ऐसे की जा रही थी तैयार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
Updated Wed, 11 Jul 2018 10:25 PM IST
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नकली सोस फैक्ट्री का पर्दाफाश
- फोटो : अमर उजाला
यूपी के फिरोजाबाद में टमाटर सोस के नाम पर बेचे जा रहे नकली सोस के कारोबार का एक बार फिर भंडाफोड़ हुआ है। रसायनिक रंगों और अरारोट को मिलाकर यह सोस बनाया जाता है। खाद्य विभाग की टीम ने नकली सोस का नमूना लेकर जांच को भेज दिया था।
वहीं 120 सोस के पैकेट को सीज कर दिया है। जो नकली सोस निर्माण की इकाई चला रही थी, उसके यहां पूर्व में चौथी बार छापेमारी हुई है। 15 दिन पहले भी इसी कारोबारी के यहां पर खाद्य विभाग की टीम ने छापेमारी के नाम पर खानापूर्ति की थी।
खाद्य विभाग की टीम ने झील की पुलिया न्यू रामगढ़ क्षेत्र में संचालित सोस एवं चाऊमीन निर्माण इकाई पर छापा मारा। इसे मनोज राठौर संचालित कर रहा था। टीम ने चाऊमीन की फैक्ट्री देखी।
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यहां गंदगी के बीच चाऊमीन का निर्माण किया जा रहा था। टीम ने मैदा और चाऊमीन का नमूना संकलित किया। सोस की फैक्ट्री को देखकर अधिकारी भी चौंक गए।
सोस निर्माण में साइट्रिक एसिड़, अरारोट, रसायन रंग एवं मसाले मिलाकर कई दिनों तक रखा जाता था। इसके बाद उस सामग्री को मशीन में मिक्स करके पैकेटों में भर दिया जाता है। टीम ने संदेह के आधार पर नमूना जांच के लिए भेज दिया है। 500 ग्राम के 120 पैकेट नष्ट कर दिए गए हैं।
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वहीं 120 सोस के पैकेट को सीज कर दिया है। जो नकली सोस निर्माण की इकाई चला रही थी, उसके यहां पूर्व में चौथी बार छापेमारी हुई है। 15 दिन पहले भी इसी कारोबारी के यहां पर खाद्य विभाग की टीम ने छापेमारी के नाम पर खानापूर्ति की थी।
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खाद्य विभाग की टीम ने झील की पुलिया न्यू रामगढ़ क्षेत्र में संचालित सोस एवं चाऊमीन निर्माण इकाई पर छापा मारा। इसे मनोज राठौर संचालित कर रहा था। टीम ने चाऊमीन की फैक्ट्री देखी।
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यहां गंदगी के बीच चाऊमीन का निर्माण किया जा रहा था। टीम ने मैदा और चाऊमीन का नमूना संकलित किया। सोस की फैक्ट्री को देखकर अधिकारी भी चौंक गए।
सोस निर्माण में साइट्रिक एसिड़, अरारोट, रसायन रंग एवं मसाले मिलाकर कई दिनों तक रखा जाता था। इसके बाद उस सामग्री को मशीन में मिक्स करके पैकेटों में भर दिया जाता है। टीम ने संदेह के आधार पर नमूना जांच के लिए भेज दिया है। 500 ग्राम के 120 पैकेट नष्ट कर दिए गए हैं।