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बिना लाइसेंस के बनाया जा रहा था पेठा, डेढ़ लाख की समग्री जब्त
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कासगंज। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग ने गुरुवार को बांकनेर और मोहल्ला हुलका इलाके में दुकानों पर छापा मारे। बांकनेर में बिना लाइसेंस के पेठे का निर्माण हो रहा था। विभागीय अफसरों को इसमें केमिकल की मिलावट दिखी। पेठा सहित डेढ़ लाख रुपये की सामग्री को जब्त कर दिया है। अन्य क्षेत्रों में कार्रवाई कर मसाले के नमूने लिए हैं।
जिला अभिहित अधिकारी नादिर अली के नेतृत्व में खाद्य विभाग की टीम बांकनेर क्षेत्र में पहुंची। यहां गांव मौजमपुर निवासी पुष्पेंद्र बिना लाइसेंस के ही पेठा निर्माण करा रहा था। अपमिश्रित केमिकल पेठे में डलवाए जा रहे थे। टीम ने मौके से बड़ी मात्रा में चीनी व पेठा तैयार करने की करीब डेढ़ लाख रुपये की सामग्री जब्त की। पेठे की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके अलावा यहां केमिकल सेफोलाइट एवं एसएमपी का प्रयोग किया जा रहा था। टीम ने यहां से चार नमूने लिए। इसके अलावा मोहल्ला हुल्का में टीम ने रामबहादुर परचूनी की दुकान पर छापा मारा और मसालों के नमूने लिए। सभी नमूनों को विभाग ने प्रयोगशाला भेजा हैं। यहां प्राप्त मसाला व नमकीन को सीजकर दिया।
कई जिलों में आपूर्ति
कासगंज में तैयार किया जा रहा मिलावटी पेठे की आपूर्ति एटा व अलीगढ़ तक भी जाती है। आस-पास के जिला बदायूं में भी यहां से पेठा जाता है। इस पेठे से स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले पेठा निर्माण केंद्र को सीज कर दिया गया है।
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जब्त की गई सामग्री-
- 300 क्विंटल पेठा
- 22 क्विंटल चीनी
- 8 क्विंटल पेठा फल
सीज की गई सामग्री -
- 154 किलोग्राम मसाले
- 500 किलोग्राम कचरी
क्या है एसएमपी व सेफोलाइट-
एसएमपी व सेफोलाइट खाद्य पदार्थ नहीं हैं। यह केमिकल सफेद रंग के होते हैं। मूलरूप से इनका प्रयोग डिटरजेंट की फैक्टरी में किया जाता है। या इसे रंगों में मिलाकर रंग तैयार किया जाता है। इसे पेठे को सफेदी देने के लिए दोनों ही पाउडर पेठा केंद्र पर उबलने वाली चीनी में मिलाए जाते थे।
थोड़े से लाभ के लिए मिलावट न करें, जिससे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर हो। व्यवसाय के अनुरूप लाइसेंस आवश्यक है। बिना लाइसेंस के पेठा केंद्र चल रहा था जिसे सीज किया है। अन्य स्थानों पर भी कार्रवाई कर रहे हैं।
-नादिर अली, जिला अभिहित अधिकारी।
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जिला अभिहित अधिकारी नादिर अली के नेतृत्व में खाद्य विभाग की टीम बांकनेर क्षेत्र में पहुंची। यहां गांव मौजमपुर निवासी पुष्पेंद्र बिना लाइसेंस के ही पेठा निर्माण करा रहा था। अपमिश्रित केमिकल पेठे में डलवाए जा रहे थे। टीम ने मौके से बड़ी मात्रा में चीनी व पेठा तैयार करने की करीब डेढ़ लाख रुपये की सामग्री जब्त की। पेठे की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके अलावा यहां केमिकल सेफोलाइट एवं एसएमपी का प्रयोग किया जा रहा था। टीम ने यहां से चार नमूने लिए। इसके अलावा मोहल्ला हुल्का में टीम ने रामबहादुर परचूनी की दुकान पर छापा मारा और मसालों के नमूने लिए। सभी नमूनों को विभाग ने प्रयोगशाला भेजा हैं। यहां प्राप्त मसाला व नमकीन को सीजकर दिया।
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कई जिलों में आपूर्ति
कासगंज में तैयार किया जा रहा मिलावटी पेठे की आपूर्ति एटा व अलीगढ़ तक भी जाती है। आस-पास के जिला बदायूं में भी यहां से पेठा जाता है। इस पेठे से स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले पेठा निर्माण केंद्र को सीज कर दिया गया है।
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जब्त की गई सामग्री-
- 300 क्विंटल पेठा
- 22 क्विंटल चीनी
- 8 क्विंटल पेठा फल
सीज की गई सामग्री -
- 154 किलोग्राम मसाले
- 500 किलोग्राम कचरी
क्या है एसएमपी व सेफोलाइट-
एसएमपी व सेफोलाइट खाद्य पदार्थ नहीं हैं। यह केमिकल सफेद रंग के होते हैं। मूलरूप से इनका प्रयोग डिटरजेंट की फैक्टरी में किया जाता है। या इसे रंगों में मिलाकर रंग तैयार किया जाता है। इसे पेठे को सफेदी देने के लिए दोनों ही पाउडर पेठा केंद्र पर उबलने वाली चीनी में मिलाए जाते थे।
थोड़े से लाभ के लिए मिलावट न करें, जिससे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर हो। व्यवसाय के अनुरूप लाइसेंस आवश्यक है। बिना लाइसेंस के पेठा केंद्र चल रहा था जिसे सीज किया है। अन्य स्थानों पर भी कार्रवाई कर रहे हैं।
-नादिर अली, जिला अभिहित अधिकारी।