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मुगलकालीन जेल में रेडियो की शुरुआत, अब कैदी भी बोलेंगे- नमस्कार भाइयों और बहनों...,
Thu, 01 Aug 2019 02:46 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 01 Aug 2019 02:46 PM IST
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जिला जेल में रेडिया का उद्घाटन करते एसएसपी बबलू कुमार, तनिका संस्था की वर्तिका नंदा व अन्य
- फोटो : अमर उजाला
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मुगल काल में बने आगरा जिला कारागार में बुधवार को कैदियों के अपने रेडियो की शुरुआत हो गई। रेडियो पर बंदी न सिर्फ अपनी फरमाइश का गीत और कविता सुन सकेंगे, बल्कि खुद भी गुनगुना सकेंगे। जेल प्रशासन के मुताबिक, महिला और पुरुष बंदी इसका खुद ही संचालन करेंगे। यह बंदियों की आवाज बनेगा। जेल में हर रोज शाम को तीन से चार बजे के बीच चलाया जाएगा।
बुधवार को एसएसपी बबलू कुमार और तिनका तिनका संस्था की संस्थापिका वर्तिका नंदा ने रेडियो कक्ष का फीता काटकर उद्घाटन किया। वर्तिका नंदा ने रेडियो की संकल्पना की थी। वो बंदियों को ट्रेनिंग भी देंगी। उन्होंने कहा कि रेडियो का मकसद बंदियों में शिक्षा की अलख और आत्मविश्वास जगाना है। इसका नाम जिला कारागार आगरा रेडियो रखा गया है।
एसएसपी ने इसे अच्छी पहल बताया। रेडियो बंदियों की प्रतिभा निखारने में सहयोग करेगा। जेल अधीक्षक शशिकांत मिश्र ने बताया कि जेल में एक कक्ष बनाया है। इसमें रेडियो का संचालन किया जाएगा। बंदियों की बैरकों में स्पीकर लगाए गए हैं। इससे बंदी रेडियो पर चलने वाले कार्यक्रम सुन सकेंगे।
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बुधवार को एसएसपी बबलू कुमार और तिनका तिनका संस्था की संस्थापिका वर्तिका नंदा ने रेडियो कक्ष का फीता काटकर उद्घाटन किया। वर्तिका नंदा ने रेडियो की संकल्पना की थी। वो बंदियों को ट्रेनिंग भी देंगी। उन्होंने कहा कि रेडियो का मकसद बंदियों में शिक्षा की अलख और आत्मविश्वास जगाना है। इसका नाम जिला कारागार आगरा रेडियो रखा गया है।
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एसएसपी ने इसे अच्छी पहल बताया। रेडियो बंदियों की प्रतिभा निखारने में सहयोग करेगा। जेल अधीक्षक शशिकांत मिश्र ने बताया कि जेल में एक कक्ष बनाया है। इसमें रेडियो का संचालन किया जाएगा। बंदियों की बैरकों में स्पीकर लगाए गए हैं। इससे बंदी रेडियो पर चलने वाले कार्यक्रम सुन सकेंगे।
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पहले दिन रेडियो पर महिला बंदियों के साथ रहने वाले छह बच्चों ने कविताएं सुनाईं। महिला और पुरुष बंदी की ड्यूटी रहेगी। जेल के बंदी अपनी फरमाइश भी रख सकेंगे। फरमाइश को लिख लिया जाएगा। इस पर विचार के बाद ही रेडियो पर सुनाया जाएगा। जिला कारागार में इस समय 2900 से अधिक बंदी हैं।
तुहिना और उदय को जिम्मेदारी
रेडियो के संचालन की जिम्मेदारी महिला बंदी तुहिना और उदय को दी गई है। तुहिना चार महीने से जानलेवा हमले के मामले में थाना सिकंदरा से बंद हैं। वह बंगलूरू से एमबीए हैं। वहीं उदय हत्या के मामले में बंद हैं।
तुहिना और उदय को जिम्मेदारी
रेडियो के संचालन की जिम्मेदारी महिला बंदी तुहिना और उदय को दी गई है। तुहिना चार महीने से जानलेवा हमले के मामले में थाना सिकंदरा से बंद हैं। वह बंगलूरू से एमबीए हैं। वहीं उदय हत्या के मामले में बंद हैं।